उत्तर और दक्षिण के बीच श्रेष्ठता को लेकर द्वंद्व की वास्तविकताएं

पूरी दुनिया में उत्तर और दक्षिण के बीच श्रेष्ठता को लेकर द्वंद्व की बात की जाती है। मानवीय रंग से जुड़ी संवेदनाएं भी इस संघर्ष में अपनी भूमिकाएं निभाती रही हैं। आदिकाल से चली आ रही यह बहस भारतीय उपमहाद्वीपीय समाज में भी नजर आती है। इस सामाजिक विवाद के स्वरूप और जटिलताओं को समझने के लिए, आज हमारे साथ हैं ह्यूमर टाइम्स की संपादक मुक्ता गुप्ता। पूरा आलेख पढ़ने और साक्षात्कार में शामिल सवालों पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए अभी मात्र एक रुपये में सब्सक्राइब करें...

Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login


Related Items

  1. ऐसे संभव है भारत में ‘चीनी’ सामानों का बहिष्कार

  1. बेहद शानदार रहा 49वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह का शुभारंभ

  1. अब चीन को चीनी बेचेगा भारत

loading...