जानिए दिल्ली में बने इस अनोखे पुल में क्या है खास

 
आईटीओ चौराहा पर पैदल चलने वालों की सबसे अधिक भीड़ रहती है। इस क्षेत्र में 25 से अधिक प्रमुख कार्यालय और अन्य संस्थान स्थित हैं। इस चौराहे के आसपास विभिन्न सड़कों पर करीब 30 हजार पैदल चलने वाले लोग प्रतिदिन सड़क पार करते हैं।
 
पैदल पार पुल का निर्माण पैदल चलने वालों की आसानी और सुरक्षा के लिए किया गया है। 400 मीटर की लंबाई वाले इस पुल की चौड़ाई पांच मीटर और लूप व ढलान की लंबाई 130 मीटर और चौड़ाई तीन मीटर है। हंस भवन पर पुल की लंबाई 54 मीटर और चौडाई पांच मीटर है।
 
पुल का निर्माण इस्पात से किया गया है। इसमें ग्रेनाइट का फर्श और इस्पात की रेलिंग लगाई गई हैं। खिंचने वाली प्लास्टिक से छत बनाई गई है। नीचे से ऊपर जाने के लिए 20 यात्रियों की क्षमता वाली छह लिफ्ट और 16 यात्रियों की क्षमता वाली एक लिफ्ट लगाई गई है। इसमें सौर ऊर्जा के पैनल, वाईफाई, सुरक्षा के लिए कैमरे लगे हैं। रोशनी के लिए एलईडी बल्ब लगाए गए हैं। क्षेत्र की निरंतर निगरानी के लिए नीचे एक पुलिस बूथ बनाया गया है। हंस भवन के नजदीक मथुरा पर जन सुविधाएं प्रदान की गई हैं। सीढ़ियों के
 
अलावा पैदल चलने वालों के लिए सात कांच की लिफ्ट बनाई गई है। विभिन्न स्थानों पर भूतल पर काफी जगह है जिसका इस्तेमाल व्यवसायिक उद्देश्य के लिए किया जा सकता है।
 
इसके साथ ही, तिलक मार्ग, सिकंदरा रोड, बहादुर शाह जफ़र मार्ग और मथुरा रोड को चारों ओर से प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए जन सुविधाओँ का विशाल संजाल बनाया गया है।
 

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