हिंदू अस्मिता या गंगा-जमुनी तहजीब : क्या है आगे का रास्ता!

राम जन्मभूमि मामले में अदालत के फैसले के बाद मंदिर बनने का मार्ग प्रशस्त हो चुका है। मंदिर बनना शुरू भी हो चुका है। देर-सवेर मंदिर बन भी जाएगा। लेकिन, क्या अब इसके बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी मामले का सिर उठाना महज इत्तेफाक है? ऐसे कई सवालों पर बात करने के लिए आज हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार विनीत सिंह। पूरा आलेख पढ़ने और साक्षात्कार में सतत हिस्सा लेने के लिए अभी सब्सक्राइब करें...

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