लखनऊ/नई दिल्ली। मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल के मोदी सरकार में मंत्री बनते ही उनकी पार्टी अपना दल में तूफान उठना शुरू हो गया है। अपना दल ने अनुप्रिया को मंत्री बनाए जाने पर नाराजगी जताई है। इसके साथ ही अपना दल में मां कृष्णा पटेल और बेटी अनुप्रिया के बीच जंग और तेज हो गया है। अनुप्रिया ने आज मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में राज्यमंत्री की शपथ ली है।
अपना दल के दूसरे सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि अनुप्रिया को मंत्री बनाने के लिए पार्टी अध्यक्ष कृष्णा पटेल से बात तक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी एनडीए का हिस्सा है। अनुप्रिया पार्टी से निलंबित थी, इसके बावजूद उन्हें मंत्री बना दिया गया। हम सिर्फ भाजपा से बात करेंगे, भाजपा के साथ विलय का कोई सवाल ही नहीं है। बता दें कि पार्टी पर वर्चस्व को लेकर मां-बेटी में पटती नहीं है। अब मां ने अपना दल की बैठक बुलाई है जिसमें विरोध में एनडीए छोडऩे की भी बात हो सकती है।
कृष्णा पटेल ने एक टीवी चैनल से फोन पर बातचीत में कहा, ‘जो मां की नहीं हुई वो मोदी की क्या होगी? वह मेरी पार्टी में नहीं है, उनके बारे में क्या बात करना। मैंने उन्हें पिछले साल ही निकाल दिया था। जो अनुप्रिया अपने मां की सगी नहीं हुई वह मोदी की क्या होगी? भाजपा ने जिस लालच से जोड़ा है, वह जल्द ही साफ हो जाएगा।’ बातचीत में कृष्णा पटेल ने कहा है कि उन्होंने और परिवार के दूसरे लोगों ने अनुप्रिया की वजह से आज टीवी सेट ऑन ही नहीं किया। मां होने के नाते शुभकामना देने के सवाल पर कृष्णा पटेल ने कहा, अगर आप ऐसा चाहते हैं तो मेरी शुभकामना उनके साथ है, बशर्ते उन्हें दिक्कत न हो।
हालांकि, जब अनुप्रिया पटेल अपनी बहनों के साथ राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुई थीं, तो बहनों ने कहा था कि मां यहां नहीं है लेकिन मन से उनके साथ हैं। खुद अनुप्रिया पटेल ने भी कहा कि माता जी के आशीर्वाद से ही मैं आज यहां तक पहुंची हूं। मां कभी अपनी बेटी से नााराज नहीं होती। पार्टी के भाजपा में विलय के सवाल पर अनुप्रिया ने कहा कि भविष्य के बारे में बता नहीं सकती, लेकिन 2 जुलाई को अमित शाह ने कहा था कि 2017 में भाजपा-अपना दल गठबंधन होगा।
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में अनुप्रिया को मां ने महासचिव पद से हटा दिया था। मां ने अपनी बड़ी बेटी पल्लवी पटेल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था, जिसके बाद वर्चस्व की लड़ाई और तेज हो गई थी। मंगलवार को अनुप्रिया के शपथ ग्रहण में उनकी दो अन्य बहनें शामिल हुईं। अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कुर्मी समाज के बड़े नेता और पूर्वांचल में अपने समुदाय में अच्छी पकड़ रखने वाले इस परिवार के बीच कलह चरम पर है।
साभार-khaskhabar.com





