एक जमाना था सुबह का अखबार पढ़े बिना लोगों को चैन नहीं आता था। शाम को, ‘हम लोग’, या रविवार की सुबह ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ सीरियल देखे बगैर सो नहीं पाते थे। घंटों तक बच्चे टीवी से चिपके रहते थे। क्रिकेट मैच मोहल्लों को जोड़ देते थे। धारावाहिक घर-घर की बातचीत बन जाते थे। समाचार चैनल देश की राजनीतिक धड़कन तय करते थे। मीडिया सिर्फ सूचना का माध्यम नहीं था, वह सामाजिक संस्कृति का हिस्सा था। और अब...
Read More




