भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त यह है कि जनता जब चाहती है, तब अपनी आवाज़ को किसी आंदोलन में बदल देती है। कभी यह आवाज़ सत्ता को पलट देती है, कभी नई तरह की राजनीति को जन्म देती है और कभी व्यवस्था सुधार की मांग बन जाती है। जयप्रकाश नारायण का ‘इंदिरा हटाओ’ आंदोलन, अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन और नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का छात्र आंदोलन, तीनों इसी परंपरा की अलग-अलग कड़ियां हैं।
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