चार उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला नाम आज एक बहुत बड़े समूह का रूप ले चुका है। आज यह चार महाद्वीपों तक फैला एक महत्वपूर्ण जियोपॉलिटिकल ब्लॉक है। इसकी यात्रा चार देशों के बीच संवाद से शुरू होकर आज के कहीं अधिक व्यापक समूह तक पहुंची है। सदस्यता के लगातार विस्तार के साथ इसमें तेल-समृद्ध देश, अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाएं और दक्षिण-पूर्व एशिया के साझेदार भी शामिल होते गए। इस विस्तारित व्यवस्था के केंद्र में आज भारत है, जो इस समूह की स्थापना के बाद से इस वर्ष चौथी बार इसकी अध्यक्षता कर रहा है...
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