शहर के बाज़ार में मिलने वाला बांस का थैला देखने में साधारण लग सकता है। लेकिन, इसकी यात्रा ऐसी कहानी बयां करती है जो एक छोटे से गांव के उद्यम से शुरू होकर राष्ट्रीय नीति में बदलाव तक पहुंचती है...
Read Moreशहर के बाज़ार में मिलने वाला बांस का थैला देखने में साधारण लग सकता है। लेकिन, इसकी यात्रा ऐसी कहानी बयां करती है जो एक छोटे से गांव के उद्यम से शुरू होकर राष्ट्रीय नीति में बदलाव तक पहुंचती है...
Read Moreदो दिन पहले, 9/11 की बरसी थी। अमेरिका में शोक और स्मृति के कार्यक्रम आयोजित किए गए। ब्रिटेन में भी कई आयोजन हुए। दुनिया उस भयावह दिन को अब भी नहीं भूली है, जब कुछ विमानों ने केवल इमारतों को नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के आत्मविश्वास को हिला दिया था। आतंकवाद खत्म करने के लिए आखिर दुनिया को और कितने 9/11 चाहिए?
Read Moreभारतीय शेयर बाजार में निवेश के नए-नए तरीकों के बीच एक्टिव मोमेंटम फंड तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। इन फंडों की मूल धारणा यह है कि बाजार में जो शेयर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और जिनमें तेजी का तगड़ा रुझान है, उनमें निवेश करके उस गति का लाभ उठाया जाए।
Read Moreआखिर एक इमारत सदियों तक कैसे टिकती है? अच्छी सामग्री? समझदार इंजीनियरिंग? नियमित रखरखाव? या प्रकृति का सम्मान? लगता है, इन सबकी जरूरत होती है। बस शायद नगर निगम के प्रमाणपत्र की नहीं...
Read Moreचार उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला नाम आज एक बहुत बड़े समूह का रूप ले चुका है। आज यह चार महाद्वीपों तक फैला एक महत्वपूर्ण जियोपॉलिटिकल ब्लॉक है। इसकी यात्रा चार देशों के बीच संवाद से शुरू होकर आज के कहीं अधिक व्यापक समूह तक पहुंची है। सदस्यता के लगातार विस्तार के साथ इसमें तेल-समृद्ध देश, अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाएं और दक्षिण-पूर्व एशिया के साझेदार भी शामिल होते गए। इस विस्तारित व्यवस्था के केंद्र में आज भारत है, जो इस समूह की स्थापना के बाद से इस वर्ष चौथी बार इसकी अध्यक्षता कर रहा है...
Read Moreअगर कोई कहे कि नदी किनारे बसा शहर प्यासा मर सकता है, तो शायद लोग हंस पड़ें। लेकिन, आगरा की कहानी मज़ाक नहीं, एक कड़वी हक़ीक़त है।
Read Moreमार्च 2020 की वह काली रात याद है? सन्नाटा चीरती एंबुलेंस की चीखें। वीरान सड़कें, बंद हवाई अड्डे, ताले लगे स्कूल, अस्पतालों के बाहर मौत का इंतज़ार करती कतारें। एक खांसी डर बन जाती थी, एक छींक आफत। लोग अपने ही घरों में क़ैद थे, परिवार दूर, डॉक्टर-नर्स टूटते जा रहे थे। कई लोग अपनों को आखिरी बार छू भी नहीं सके।
Read Moreगोपालस्वामी दोरईस्वामी नायडू का व्यवसायिक दर्शन भारतीय औद्योगिक इतिहास में एक अनोखी मिसाल है। अपने समय में उन्होंने यह साबित किया कि व्यापार केवल लाभ कमाने का साधन ही नहीं है, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम भी है। उनके जीवन का मूल मंत्र तकनीकी नवाचार, व्यावहारिक शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी था...
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नई इमारत तैयार है। चमचमाता बोर्ड लग गया है। रंगीन ब्रोशर छप चुके हैं। ‘एडमिशन शुरू हैं!’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। डेटा साइंस। साइबर सिक्योरिटी। मशीन लर्निंग। रोबोटिक्स। नाम सुनकर लगता है,…
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The book cover itself tells a story. A young man walks along a garden path beside Krishna, seemingly engaged in an ordinary conversation. But this is no ordinary walk. It is a symbolic journey from…
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Makhana, or fox nut, has emerged as a fast-growing agri-food product in India. This is due to its nutritional value, rising health awareness, and increasing global demand.
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