ताजा खबर : भारत का कुल समुद्री खाद्य निर्यात ₹72,000 करोड़ के उच्चतम स्तर पर पहुंचा * भारत के कुल वस्त्र निर्यात में सालाना 2.1 प्रतिशत की वृद्धि * अटल पेंशन योजना ने रचा नया कीर्तिमान, कुल नामांकन नौ करोड़ के पार

बड़ा धमाका हुआ। पर्दे उठे। लेकिन कहानी और उलझ गई। अमेरिका के न्याय विभाग ने जेफ्री एप्सटीन से जुड़ी लाखों फाइलें जनता के सामने रख दीं। करीब साढ़े तीन मिलियन पन्ने। हजारों तस्वीरें। सैकड़ों वीडियो। कानून बना, दबाव बढ़ा, और आखिरकार सच का दरवाज़ा थोड़ा खुला।

Read More

ग्रेट निकोबार परियोजना एक सामरिक पहल है, जिसका उद्देश्य अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की उपस्थिति को सशक्त बनाना है। यह परियोजना बंदरगाह-आधारित विकास और सटीक पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के साथ-साथ स्थानीय मूल समुदायों के संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती है...

Read More

हवा का मिज़ाज बदल रहा है। रंग भी। गलियों से लेकर गलीचों तक, चौपालों से लेकर चाय की दुकानों तक, एक हल्की-सी केसरिया आभा तैरती नजर आ रही है। सवाल यह नहीं कि हवा चल रही है या नहीं। सवाल यह है कि यह हवा किस दिशा में बह रही है, और किसे अपने साथ उड़ा ले जाएगी...

Read More

खबर क्या है? जो अभी हुआ? या जो हमें भीतर तक हिला दे? आज हर जेब में न्यूज़रूम है। हर हाथ में मोबाइल। हर स्क्रीन पर ब्रेकिंग। सूचनाओं की बाढ़ है। आवाज़ों का शोर है। लेकिन सच? वह अक्सर इस कोलाहल में दब जाता है...

Read More

​अहा, आनंद लें असली भारतीय पल का! आप लेट हैं। फैशनेबली लेट नहीं। बॉलीवुड हीरो की एंट्री वाली लेट नहीं। बल्कि सही मायने में, ट्रैजिकली, “हे भगवान, बॉस मुझे नौकरी से निकाल ही देगा” वाली लेट।

Read More

क्या हमारी नदियां अब सिर्फ नक्शों में बचेंगी? या फिर हम उन्हें सच में “राष्ट्रीय संपत्ति” मानकर बचाने की जद्दोजहद करेंगे?

Read More

अब मौसम भरोसे के क़ाबिल नहीं रहा। सचमुच आसमान ने अपनी ज़ुबान बदल ली है। मौसम अब वैसा नहीं रहा, जैसा हमने बचपन में जाना था। कभी हल्की-फुल्की बारिश होती थी, अब वही आफ़त बनकर टूट पड़ती है। कभी गर्मी बस तपिश देती थी, आज वही जानलेवा लू बन जाती है...

Read More

सुबह अगर आंख खुलते ही जलन हो, जैसे किसी ने मिर्ची का स्प्रे मार दिया हो, गले में खराश चिपक जाए मानो कोई पुराना कर्ज़ वसूल करने आ गया हो, और फेफड़े ऐसे खांसें जैसे ईएमआई की आखिरी किस्त पर डिफॉल्ट हो गया हो, तो घबराइए मत! बधाई हो, आप ‘विकास-प्रदत्त ऑक्सीजन’ का मजा ले रहे हैं। गहरी सांस लीजिए, ये बदबू नहीं, बल्कि ‘सक्सेस की सिग्नेचर फ्रेग्रेंस’ है। मुफ्त की हवा है जी, और मुफ्त में जो मिले, वह सबसे प्रीमियम क्वालिटी का होता है, बस एक्सपायरी डेट चेक मत करना!

Read More



Mediabharti

Latest On Apunkacareer.com

Employers face a growing challenge in distinguishing genuine capability from AI-generated responses, prompting many to evolve their hiring strategies.

Read More

Latest On Mediabharti.com

As red flags grow fewer and May Day rallies lose their once-vibrant fervour across India and the world, the appeal of International Workers’ Day appears to be waning. What was once a powerful…

Read More

Latest On Kadahi.com

Braj Mandal does not just live; it melts. The sacred triangle of Agra, Mathura, and Hathras hums softly to the music of Krishna’s love. In the breeze along the Yamuna and in the fine dust of…

Read More