ताजा खबर : यूपीआई से जून 2026 तक लगभग 55.49 करोड़ उपयोगकर्ता जुड़े * प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया सोमनाथ मंदिर में कुंभ अभिषेक * ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने पर सशस्त्र बलों को सलाम

​नदियां कभी सरहदें नहीं मानतीं। वे जीवन, संस्कृति और सभ्यता को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं। लेकिन, जब कोई शहर या राज्य अपनी गंदगी नदी में उड़ेल देता है, तो वह ज़हर भी सीमाएं नहीं मानता। वह भी बहते-बहते दूर तक पहुंचता है। आज यमुना इसी राष्ट्रीय शर्म की सबसे बड़ी मिसाल बन गई है।

Read More

एक दशक पहले, भारत के बिजली उत्पादन में सौर ऊर्जा का हिस्सा बहुत छोटा था। आज, यह देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का सबसे बड़ा हिस्सा बनाती है। वर्ष 2014 में  लगभग तीन गीगावाट की स्थापित क्षमता से, इस क्षेत्र का विस्तार पचास गुना से भी अधिक हुआ है, और यह 30 जून तक 162.15 गीगावाट तक पहुंच गया...

Read More

भारतीय पुरुषों के लिए कमर का माप केवल सौंदर्य या कपड़ों की फिटिंग का विषय नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य का एक गहरा संकेतक भी है। शरीर में जमा चर्बी, विशेषकर पेट के आसपास की चर्बी, कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसी वजह से कमर की चौड़ाई और उसकी ऊंचाई के अनुपात को समझना बेहद ज़रूरी है...

Read More

क्या हम ताज महल को बचा रहे हैं, या धीरे-धीरे उसे धूल, धुंध और धुएं में दफ़न कर रहे हैं? आगरा की हवा साल के अधिकांश दिनों में ज़हरीली रहती है...

Read More

लैंडमार्क कार्स एक ऐसी कंपनी है जो भारत के ऑटो रिटेल सेक्टर में धीरे-धीरे अपनी मज़बूत पहचान बना रही है। यह सिर्फ़ कार बेचने का कारोबार नहीं, बल्कि एक पूरे इकोसिस्टम को गढ़ने की दिशा में काम कर रही है...

Read More

ज़रा सोचिए। अगर कल सुबह कोई सरकार कह दे कि अब नमक खरीदना भी अमीरों का शौक़ होगा, तो क्या होगा? दाल बेस्वाद हो जाएगी। रोटी गले से नहीं उतरेगी। गरीब की थाली और भी सूनी हो जाएगी...

Read More

भारतीय लोकतंत्र में पत्रकारिता और राजनीति का रिश्ता हमेशा से बहस का विषय रहा है। पत्रकारिता का धर्म है, सत्ता से सवाल करना और जनता के हित में सच को सामने रखना, जबकि राजनीति का धर्म है सत्ता प्राप्त करना और उसे बनाए रखना। इन दोनों के बीच का टकराव और सहयोग ही लोकतंत्र की असली धड़कन है...

Read More

नई दिल्ली का जंतर-मंतर बगावत के एक रंगीन मेले में बदल गया। जेन ज़ी के नौजवान गा रहे थे, नाच रहे थे, मीम्स बना रहे थे, ताकतवर नेताओं का मज़ाक उड़ा रहे थे और बर्गर, पिज़्ज़ा, भटूरे खाते हुए ऐसे मस्ती कर रहे थे, मानो राजनीति किसी कॉलेज फेस्ट में आ घुसी हो।

Read More



Mediabharti

Latest On Apunkacareer.com

With widespread reports of hiring activity stabilising after a prolonged period of uncertainty, employers are facing an increasingly difficult balancing act.

Read More

Latest On Mediabharti.com

A decade ago, solar power occupied only a small place in India's electricity mix. Today, it forms the largest share of the country's renewable energy capacity. From an installed capacity of…

Read More

Latest On Kadahi.com

ब्लूबेरी और जामुन अक्सर एक जैसे दिखते हैं, लेकिन असल में ये दो बिल्कुल अलग-अलग फल हैं। ब्लूबेरी उत्तरी अमेरिका की देन हैं। जो कि छोटे, गोल और हल्की खटास के साथ मीठापन लिए होते हैं। इन्हें ‘सुपरफूड’…

Read More