ताजा खबर : सेल ने अगस्त माह में बिक्री और उत्पादन में दर्ज की मजबूत वृद्धि * जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर ए- की, आउटलुक स्थिर बताया * 16वें एयरो इंडिया का आयोजन अगले वर्ष 8 से 12 फरवरी तक बेंगलुरु में

मार्च 2020 की वह काली रात याद है? सन्नाटा चीरती एंबुलेंस की चीखें। वीरान सड़कें, बंद हवाई अड्डे, ताले लगे स्कूल, अस्पतालों के बाहर मौत का इंतज़ार करती कतारें। एक खांसी डर बन जाती थी, एक छींक आफत। लोग अपने ही घरों में क़ैद थे, परिवार दूर, डॉक्टर-नर्स टूटते जा रहे थे। कई लोग अपनों को आखिरी बार छू भी नहीं सके।

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गोपालस्वामी दोरईस्वामी नायडू का व्यवसायिक दर्शन भारतीय औद्योगिक इतिहास में एक अनोखी मिसाल है। अपने समय में उन्होंने यह साबित किया कि व्यापार केवल लाभ कमाने का साधन ही नहीं है, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम भी है। उनके जीवन का मूल मंत्र तकनीकी नवाचार, व्यावहारिक शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी था...

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जयति जयति भारत माता! कितना सरल, कितना मधुर और कितना भारतीय उद्घोष है। फिर सवाल उठता है, आज़ादी के बाद जब देश अपनी नई पहचान तलाश रहा था, तब ऐसा सुंदर संस्कृत गीत राष्ट्रीय मंच तक क्यों नहीं पहुंच पाया...

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त्योहार खुशियां लाते हैं। वे लोगों को जोड़ते हैं और रिश्तों में मिठास घोलते हैं। लेकिन, जब भक्ति का वॉल्यूम इतना बढ़ जाए कि पूरा मोहल्ला परेशान हो जाए, तो सवाल उठना लाज़िमी है...

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एक तरफ योगी की मजबूत सत्ता, सख्त कानून-व्यवस्था और चमकते एक्सप्रेसवे हैं। दूसरी तरफ बेरोजगार युवा, पेपर लीक और सोशल मीडिया पर गरजता एक अजीब नारा, “हम कॉकरोच हैं!” चुनावी बिगुल अभी बजा भी नहीं है, लेकिन उत्तर प्रदेश की सियासी गलियों में सवाल गूंज रहा है कि हवा किस तरफ है?

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भारत तेज़ी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और साफ़-सुथरे भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बन रही है। साल 2016 के बाद से ईवी की बिक्री में लगभग 46 गुना बढ़ोतरी हुई है, जो ग्राहकों की पसंद में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। साल 2020 के दौरान 12 लाख अमेरिकन डॉलर का निर्यात साल 2024 में बढ़कर 8.4 करोड़ अमेरिकन डॉलर हो गया है। इससे भारत एक उभरते हुए ईवी केंद्र के तौर पर स्थापित हो रहा है...

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एक ज़माना था जब हिंदुस्तान में टीवी का मतलब सिर्फ दूरदर्शन होता था। एक चैनल, एक आवाज़, एक शाम। रिमोट का आतंक नहीं, मोबाइल की घंटी नहीं, रील-शॉर्ट नाम की कोई आफ़त नहीं। पूरा परिवार एक ही कमरे में बैठता था; कभी फर्श पर, कभी सोफे पर, और जब विज्ञापन भी आता तो कोई पानी लेने भी नहीं उठता था। कई बार विज्ञापन ही कार्यक्रम से ज़्यादा याद रह जाते थे...

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हिंदू धर्म में ऐसी कई धार्मिक यात्राओं का उल्लेख मिलता है, जिनके बारे में माना जाता है कि जीवन में एक बार इन्हें पूरा करने पर किसी भी व्यक्ति को मोक्ष या मृत्यु के बाद भगवान का धाम मिलता है। साथ ही, उस यात्रा का फल आगे आने वाली कई पीढ़ियों को भी मिलता रहता है। ऐसी ही एक यात्रा है किन्नौर कैलाश की...

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