गत मई में जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे दौरे पर गए, तो एक नॉर्वेजियन पत्रकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद उनसे सवाल उछाल दिया। सवाल था कि भारत प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे से बहुत नीचे क्यों है...
Read Moreगत मई में जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे दौरे पर गए, तो एक नॉर्वेजियन पत्रकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद उनसे सवाल उछाल दिया। सवाल था कि भारत प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे से बहुत नीचे क्यों है...
Read Moreकुछ गीत ऐसे होते हैं जिनके जरिये प्रेम में डूबे किसी युवा को अपने दिल की आवाज सुनाई देती है तो उम्र के अनुभवों से गुजर चुके व्यक्ति को उनमें अपने बीते दिनों की कसक महसूस होती है। साल 1981 में आई फिल्म ‘कुदरत’ का गीत ‘हमें तुमसे प्यार कितना...’ इसी श्रेणी का गीत है। इसके शब्दों में प्रेम की गहराई है, धुन में एक अनकही बेचैनी और गायकी में ऐसा भावनात्मक ठहराव है, जो सुनने वाले को 'स्वयं' से जोड़ देता है...
Read Moreतमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय ने हाल ही में अपने निजी ज्योतिषी को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी नियुक्त कर दिया। खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। कहा गया कि इसी ज्योतिषी ने वर्षों पहले ‘भविष्यवाणी’ की थी कि विजय एक दिन सत्ता की कुर्सी तक पहुंचेंगे। कुछ ही घंटों में राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। सहयोगी दलों ने सवाल उठाए। तर्कवाद, वैज्ञानिक सोच और संविधान की दुहाई दी जाने लगी। आखिरकार सरकार को कदम पीछे खींचना पड़ा...
Read More21 मई 1993 को आगरा की पानी की टोंटियों से मौत बह निकली थी। घटिया, खटीक पाड़ा और मंडी सईद खान की तंग गलियों में लोगों ने रोज़ की तरह वाटर वर्क्स का पानी पिया। कुछ ही घंटों में घरों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को उल्टियां और तेज़ बुखार होने लगा। पूरे परिवार अस्पतालों की तरफ भागे। 200 से ज़्यादा लोग बुरी तरह बीमार पड़े। दूषित पानी पीने से 21 लोगों की जान चली गई...
Read Moreहवा महल के आसपास की हलचल से आगे बढ़ते हुए जब जयपुर के जंतर-मंतर में प्रवेश किया तो वातावरण कुछ अलग लगा। सामने फैली ज्यामितीय आकृतियां, ऊंची दीवारें, कोण बनाती संरचनाएं और विशाल चाप मन में स्वाभाविक जिज्ञासा पैदा करते हैं। यह कोई पारंपरिक महल या मंदिर नहीं है, फिर भी पूरा परिसर अपने आप में असाधारण दिखाई देता है...
Read Moreयदि नाना पाटेकर को सही में समझना हो तो शायद उनके पुरस्कारों, फिल्मों और यादगार संवादों की सूची से शुरुआत नहीं करनी चाहिए। उन्हें समझने का बेहतर रास्ता उनके जीवन को देखने से निकलता है। एक ऐसा जीवन जिसमें गरीबी, संघर्ष, रंगमंच, अभिनय, प्रसिद्धि, सेना के साथ बिताए दिन, किसानों के लिए काम, कविता, हास्य, सादगी और विवाद, सब एक साथ दिखाई देते हैं। इन सबके बीच एक बात लगातार यह उभरती है कि उन्होंने अपने जीवन को किसी एक तय खांचे में नहीं जिया। जब उन्हें लगा कि कुछ करना चाहिए, उन्होंने किया; कई बार वह काम उनकी सार्वजनिक छवि से बिल्कुल अलग था।
Read Moreआगरा में पर्यावरण बचाने की लड़ाई पिछले कई दशकों से सिर्फ एक ही ढर्रे पर घूम रही है; अदालत, आरटीआई, एनजीटी। याचिका दायर होती है, आदेश आता है, जुर्माना लगता है, अखबारों में खबर छपती है, और फिर सब कुछ वहीं का वहीं। हवा वैसी ही ज़हरीली, यमुना वैसी ही मरी हुई। साफ बात यह है कि इलाज खूब हो रहा है, बीमारी ठीक होने का नाम नहीं ले रही है...
Read Moreयूरोप की मेरी हाल की यात्रा को अगर एक शब्द में बांधना हो, तो वह शब्द होगा, ‘पानी’। मैंने वहां आधा दर्जन से ज़्यादा नदियां, नहरें और झीलें नज़दीक से देखीं। कभी क्रूज़ पर बैठकर, कभी फेरी में, कभी पुल से झांककर और कभी किनारे बैठकर। नाविकों, फेरीवालों, क्रूज़ मैनेजरों और गोंडोला चलाने वालों से बातें कीं। किनारे बैठे आम लोग भी देखे, जो दोपहर की सुनहरी धूप में नदी को निहार रहे थे, बातें कर रहे थे या बस ज़िंदगी को थोड़ी देर आराम दे रहे थे।
Read Moreमान भी लें कि कुछ गलत तत्व मीडिया में दाखिल हो चुके हैं, और कई एक्टिविस्ट सूचनाधिकार का दुरुपयोग करते हैं, तो क्या समूची बिरादरी को कटघरे में खड़ा करना उचित है? वकालत में, डाक्टरी में, न्यायिक व्यवस्था में, राजनीति में, सभी जगह ‘काली भेड़ें’ अमर्यादित कार्य कर रही हैं, लेकिन क्या पूरा सिस्टम दोषी है?
Read Moreभारत की सुपरकंप्यूटिंग यात्रा 1990 के दशक की शुरुआत में ‘परम 8000’ से विकसित होकर आज एक राष्ट्रीय परितंत्र में बदल गई है। माह सितंबर तक 40 सुपर कंप्यूटरों द्वारा 68 पेटाफ्लॉप्स, यानी, काफी तेज गणना देने के साथ, उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग तक विस्तार किया जा रहा है।
Read More
Can a school timetable trigger a political storm? In India, it certainly can. Here, language is never just about alphabets and grammar books. It is emotion. It is identity. It is memory. Sometimes,…
Read More
The enchanting beauty of Braj Mandal, the Yamuna riverbanks, shaded groves, wandering peacocks, gentle cows, and the divine tales of Krishna have echoed for centuries through countless bhajans and…
Read More
Makhana, or fox nut, has emerged as a fast-growing agri-food product in India. This is due to its nutritional value, rising health awareness, and increasing global demand.
Read More