त्योहार खुशियां लाते हैं। वे लोगों को जोड़ते हैं और रिश्तों में मिठास घोलते हैं। लेकिन, जब भक्ति का वॉल्यूम इतना बढ़ जाए कि पूरा मोहल्ला परेशान हो जाए, तो सवाल उठना लाज़िमी है...
Read Moreत्योहार खुशियां लाते हैं। वे लोगों को जोड़ते हैं और रिश्तों में मिठास घोलते हैं। लेकिन, जब भक्ति का वॉल्यूम इतना बढ़ जाए कि पूरा मोहल्ला परेशान हो जाए, तो सवाल उठना लाज़िमी है...
Read Moreएक तरफ योगी की मजबूत सत्ता, सख्त कानून-व्यवस्था और चमकते एक्सप्रेसवे हैं। दूसरी तरफ बेरोजगार युवा, पेपर लीक और सोशल मीडिया पर गरजता एक अजीब नारा, “हम कॉकरोच हैं!” चुनावी बिगुल अभी बजा भी नहीं है, लेकिन उत्तर प्रदेश की सियासी गलियों में सवाल गूंज रहा है कि हवा किस तरफ है?
Read Moreभारत तेज़ी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और साफ़-सुथरे भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बन रही है। साल 2016 के बाद से ईवी की बिक्री में लगभग 46 गुना बढ़ोतरी हुई है, जो ग्राहकों की पसंद में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। साल 2020 के दौरान 12 लाख अमेरिकन डॉलर का निर्यात साल 2024 में बढ़कर 8.4 करोड़ अमेरिकन डॉलर हो गया है। इससे भारत एक उभरते हुए ईवी केंद्र के तौर पर स्थापित हो रहा है...
Read Moreएक ज़माना था जब हिंदुस्तान में टीवी का मतलब सिर्फ दूरदर्शन होता था। एक चैनल, एक आवाज़, एक शाम। रिमोट का आतंक नहीं, मोबाइल की घंटी नहीं, रील-शॉर्ट नाम की कोई आफ़त नहीं। पूरा परिवार एक ही कमरे में बैठता था; कभी फर्श पर, कभी सोफे पर, और जब विज्ञापन भी आता तो कोई पानी लेने भी नहीं उठता था। कई बार विज्ञापन ही कार्यक्रम से ज़्यादा याद रह जाते थे...
Read Moreहिंदू धर्म में ऐसी कई धार्मिक यात्राओं का उल्लेख मिलता है, जिनके बारे में माना जाता है कि जीवन में एक बार इन्हें पूरा करने पर किसी भी व्यक्ति को मोक्ष या मृत्यु के बाद भगवान का धाम मिलता है। साथ ही, उस यात्रा का फल आगे आने वाली कई पीढ़ियों को भी मिलता रहता है। ऐसी ही एक यात्रा है किन्नौर कैलाश की...
Read Moreकिसी भी मुल्क की सियासत में बदलाव ज़रूरी है, लेकिन हर बदलाव बेहतर हो, यह ज़रूरी नहीं। कभी-कभी जो व्यवस्था मुश्किलों के बावजूद स्थिर हो गई हो, उसे अचानक बदलना खुद एक बड़ा जोखिम बन जाता है। भारत के लिए 2014 के बाद का दौर इसी सवाल को बार-बार उठाता है। क्या निरंतरता को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया जाए कि बदलाव आकर्षक लगता है...
Read More26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर एक भयंकर बाढ़ और मिट्टी का सैलाब आया। ऊंचाई पर स्थित एक ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर गिर गया। करीब 5,200 मीटर की ऊंचाई से बर्फ और चट्टान का बड़ा हिस्सा नीचे गिरा और ल्हेंदे नदी में जा गिरा। यह जगह रसुवागढ़ी-ग्यीरोंग सीमा चौकी से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। मलबे ने नदी को कुछ देर के लिए रोक दिया। फिर पानी, कीचड़ और पत्थरों का तेज सैलाब नीचे की तरफ दौड़ पड़ा।
Read Moreदेश भ्रमण के अनेक फायदे हैं। कूपमंडूकता और कई दृष्टि-भ्रम रास्ते में ही टूट जाते हैं। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम निकलें, तो बहुत से पूर्वाग्रह अपने आप ध्वस्त होते चलते हैं...
Read More
नई इमारत तैयार है। चमचमाता बोर्ड लग गया है। रंगीन ब्रोशर छप चुके हैं। ‘एडमिशन शुरू हैं!’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। डेटा साइंस। साइबर सिक्योरिटी। मशीन लर्निंग। रोबोटिक्स। नाम सुनकर लगता है,…
Read More
The biggest story in India is not what television debates shout about every night. It is what they carefully avoid.
Read More
Makhana, or fox nut, has emerged as a fast-growing agri-food product in India. This is due to its nutritional value, rising health awareness, and increasing global demand.
Read More