ज़रा एक पल के लिए ऐसे भारत की कल्पना कीजिए, जहां हर नागरिक सरकार की हर बात पर "जी हुज़ूर" कहे। संसद की बहसें कुछ मिनटों में खत्म हो जाएं। टीवी चैनलों पर बहस की जगह केवल सरकारी प्रेस नोट पढ़े जाएं। अख़बारों के संपादकों का काम सिर्फ़ अल्पविराम और पूर्णविराम ठीक करना रह जाए। सोशल मीडिया पर हर तरफ़ एक ही नारा गूंजे; "वाह सरकार, कमाल कर दिया...
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