विविधा

एक व्यस्त चौराहा। लाल बत्ती जलती है। इंजन रुकते हैं। एसी की ठंडी हवा के भीतर बैठे लोग मोबाइल देखने लगते हैं। और तभी हीरा आ जाती है। चमकीली साड़ी। सलीके से बंधे बाल। होंठों पर गाढ़ी लिपस्टिक। आंखों में तेज। उम्र कम, हौसला बड़ा। वह अपनी खास, पहचानी हुई ताली बजाती है। शीशे पर हल्की दस्तक देती है। मुस्कराकर कहती है, “खुश रहो बाबू… तरक्की करो…”।

Read More

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास या यमुना किनारा रोड पर आपने छोटे-छोटे बच्चों को कबाड़ा प्लास्टिक बीनते जरूर देखा होगा। हर कुछ मिनट बाद वे कपड़े में भिगोया गया कोई केमिकल सूंघते हैं, जैसे वही उनकी भूख हो, वही उनका सुकून। शहर के नामी स्कूलों के इर्द-गिर्द ‘पुड़िया गैंग’ की फुसफुसाहटें हैं। शादी हो या बर्थडे पार्टी, बीयर और दारू अब रिवाज़ बन चुके हैं। कोई खांसी का सिरप गटक रहा है, कोई जर्दा, टिंक्चर या सुलोचन की बोतल। तन-बदन बेहाल, आंखें सूनी, दिमाग खिसका या भटका हुआ, नालियों और कूड़े के ढेरों में भविष्य तलाशती यह पीढ़ी आखिर किस दिशा में जा रही है?

Read More

रेगिस्तान की ख़ामोशी हो या आसमान की चमकती रोशनी, इंसान सदियों से यह सवाल पूछता आया है कि क्या हम इस कायनात में अकेले हैं...

Read More

पिछले दिनों, एक दोपहर, महिलाओं से लगभग पूरी सी भरी बस के बाहर मैं पांच मिनिट से खड़ा था, तभी कंडक्टर आया, इशारा किया “घुसो!” मैं झिझक रहा था, पूरी बस महिलाओं से भरी थी, सिर्फ मैं अकेला पुरुष, लेडीज स्पेशल बस तो नहीं! कंडक्टर ने एक लड़की को उठाकर मुझे सीट पर बैठाया, अटपटा लगा, लेकिन सीनियर सिटीजन के प्रति सम्मान देखकर, मुझे अच्छा लगा। बगल की सीट पर बैठी महिला ने बातचीत में बताया कि ज्यादातर सरकारी बसों में आजकल महिलाएं ही अधिक संख्या में दिखेंगी...

Read More

काफी समय तक बुद्धिलब्धि, यानी आईक्यू, का स्कोर पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ता रहा है। इस प्रवृत्ति को 'फ्लिन प्रभाव' कहा जाता है। लेकिन, हाल के वर्षों में शोधकर्ताओं ने कुछ अलग ही रंग देखा है। नई पीढ़ियां, खासकर जेन-जी, उसी उम्र में मिलेनियल और बूमर्स की तुलना में कम अंक ला रही हैं। क्यों...

Read More

8 जनवरी को कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अबूजर अहमद और अन्य बनाम कर्नाटक राज्य मामले की एफआईआर रद्द कर दी। पति और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज धारा 498ए की यह शिकायत छोटे-मोटे वैवाहिक झगड़ों पर आधारित थी। अदालत ने साफ कहा कि यह कानून अब न्याय के बजाय प्रतिशोध का माध्यम बन रहा है...

Read More



Mediabharti