राजस्थान राज्य की राजनीति में हमेशा राजसी आन, बान और शान का बोलबाला रहा है। लेकिन, यह वह दौर था जब आजादी के बाद राजतंत्र के लोकतंत्र में बदलने के चलते जनता पर राज करने वाले राजा और महाराजा अब जनसेवक बनकर सामने आने की कोशिशें कर रहे थे। ऐसे ही एक महाराजा मान सिंह जनसेवक बन अपनी जड़ें जमाने में जुटे हुए थे। पूरी कहानी पढ़ने के लिए अभी सब्सक्राइब करें...

Read More

काशी विश्वविद्यालय से ‘शास्त्री’ की उपाधि‍ प्राप्त करने के बाद आजीवन कथावाचन और अध्यापन कार्य में रत रहे देवीराम शास्त्री को आज भी क्षेत्रीय लोग याद करते हैं।

Read More

गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर देखने में जरूर धीर-गंभीर नजर आते थे लेकिन उनकी वाक्पटुता बेमिसाल थी। इसी का एक नमूना देखिए।

Read More

एक बार मार्टिन लूथर किंग किसी सार्वजनिक सभा में भाषण दे रहे थे कि तभी किसी प्रतिक्रियावादी श्रोता ने उन पर जूता दे मारा। जूता किंग के पास पहुंचा ही था कि सभा में खलबली मच गई। सभा के आयोजकों के चेहरों पर हवाईयां उड़ने लगीं मगर किंग अविचलित खड़े रहे।

Read More

चर्चिल एक बेहद लोकप्रिय राजनेता थे लेकिन उन्हें अपनी लोकप्रियता को लेकर कोई गलतफहमी नहीं थी।

Read More

जब विन्सटन चर्चिल ब्रिटेन के नौसेना मंत्री थे तब नौसेना अध्यक्ष एडमिरल लार्ड फिशर से उनकी कभी राय नहीं बनी। यह अनबन बढ़ती ही चली गई और यहां तक कि इसके चलते चर्चिल को अपना पद तक छोड़ना पड़ गया।

Read More
loading...