कृषि / व्यापार / बचत

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक समीक्षा 2025-26 पेश करते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और तेजी से बदलते तकनीकी नवप्रवर्तन के दौर में भारत के मौदिक और वित्तीय क्षेत्र में वित्त वर्ष 26 (अप्रैल से दिसंबर 2025) में जोरदार प्रदर्शन किया है...

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सोने-चांदी की कीमतों में लगी आग से निवेशकों की झोलियां तो भर गई हैं, लेकिन अभी भी कुछ निवेशक ऐसे हैं, जो इस रैली से 'चूक' गए हैं। यदि वे अब इतना बड़ा जोखिम न लेना चाह रहे हों  तो कुछ दूसरी धातुओं में निवेश करके भी वे अच्छी कमाई कर सकते हैं...

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सुबह की धूप अभी हल्की थी। मेरठ जिले के एक गांव में किसान रमेश अपने खेत पर खड़े थे। मोबाइल हाथ में थामे, वह स्क्रीन पर चमकते मौसम अलर्ट पर नजर गड़ाए हुए थे, “आज सिंचाई नहीं।”, उन्होंने तुरंत मोटर बंद कर दी। मुस्कराते हुए बोले, “अब खेत आसमान देखकर नहीं, ऐप्प देखकर चलते हैं।

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स्वच्छ, सुरक्षित और खूबसूरत पर्यटन स्थलों की तलाश में पर्यटक तटीय शहरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और नारियल पानी समुद्र तट पर सबसे पसंदीदा पेय बना हुआ है। यह स्वास्थ्यवर्धक, ताजगीभरा और बेहद लोकप्रिय है। इस लोकप्रियता के कारण कभी नारियल के कचरे का ढेर लैंडफिल में जमा हो जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है।

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साल 2026 की दहलीज़ पर खड़ा राष्ट्र, सिर्फ़ आंकड़ों और योजनाओं का देश नहीं, बल्कि बदलती सोच और उभरती उम्मीदों की कहानी गढ़ रहा है। गलियों, कस्बों और छोटे शहरों में एक नया आत्मविश्वास महसूस किया जा सकता है, जहां सरकार अब दूर बैठी ताक़त नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शामिल साझेदार लगती है। बीते एक दशक में राष्ट्रीय परिदृश्य नई टेक्नोलॉजी की दखल से बदला है। सफ़ाई आदत बन रही है, बैंक खाते पहचान बन गए हैं, डिजिटल लेन-देन भरोसे की भाषा बोलने लगे हैं, और बेटियां भविष्य का केंद्र बन रही हैं।

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‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’, एक देशव्यापी जागरूकता और सुगमीकरण पहल है जो नागरिकों को बिना दावे वाली वित्‍तीय परिसंपत्तियों की पहचान करने और वापस पाने में मदद करती है। यह पहल विनियमित वित्‍तीय प्रणालियों में बैंकों, बीमा, म्यूचुअल फंड, डिविडेंड, शेयरों और सेवानिवृत्ति लाभों में बिना दावे वाली बचत पर ध्यान देती है।

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