आनंद रस की वर्षा में भीगे भक्त

वर्षा गिर्राज धाम में शोभायात्रा के बीच श्रीमद्भागवत मनोरथ शुरू

गोवर्धन। गिर्राज दानघाटी मंदिर के प्रमुख सेवायत मथुरा प्रसाद कौशिक लाला पंडित के सानिध्य में गिर्राज धाम में मंगलवार को शुरू हुए श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ पर मंगल कलश शोभायात्रा में भक्ति की धारा प्रवाहित हो उठी। शोभायात्रा दानघाटी मंदिर में गिर्राज जी का दुग्धाभिषेक करने के बाद बड़ी परिक्रमा में होकर निकाली गई। शोभायात्रा में वेदमंत्रों की ध्वनि , पीताम्बरी वस्त्र पहने महिलाओं के सिर पर रखे कलश प्राचीन भारतीय संस्कृति को परिलक्षित कर रहे थे। भाव पूर्ण तरीके से शुरू हुए इस मनोरथ में भागवत व्यास मदन मोहन जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात श्रीकृष्णा का स्वरूप है। यह दीपक के समान है। जिस प्रकार दीपक के प्रज्ज्वलन से अंधकार दूर हो जाता है ठीक उसी प्रकार श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में आया अंधकार स्वतरूही दूर हो जाता है। ब्रजवासियों के सहयोग के वे आभारी हैं जिन्होंने इस अनुष्ठान को गिर्राज जी की रज में पूर्ण कराने का संकल्प लिया है। भागवत की प्रत्येक लीला के साक्षी स्वयं कलियुग के प्रथम देवता गिर्राज जी होंगे। व्यास पीठ से प्रथम दिन हरीश अग्रवाल , कुंजबिहारी शास्त्री , पवन कौशिक आदि ने सामूहिक आरती उतारी। सभी श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। कथा महोत्सव में आनंद रस की वर्षा देखने को मिली। इस अवसर पर संचालन मंच से परीक्षित कौशिक ने किया। इस मौके पर रमाकान्त कौशिक , कन्हैया शर्मा , टीकम सिंह , विपिन गोयल , सेवाधिकारी लाला पंडित , पुनीत , विभु गौड़ , आशीष इन्दौर आदि थे।

 

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