जली हुई फसल को आग बुझाने के बाद देखते ग्रामीण
गोवर्धन। पहले किसान इन्द्र ने लूटा अव आग की लप्टो में आकर जल गया। ये वाकया आज गाॅव पलसौ महरौली रोड के खेतों में देखने को मिला जहाॅ करीब 20 बीघा खेत में खडी फसल में आग लग गई। गाॅव के लोगों ने पहुॅच कर आग पर बमुश्किल कावू पाया वहीं सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गयी।
किसानों की फसल पर कहर बनकर टूटी आग की लपटों ने 20 पन्द्रह बीघा जमीन में खड़ी गेहूं की फसल को राख कर दिया। खेतों में दूर दूर तक काली जमीन नजर आने लगी। किसानों पर कहर बन बरपी इस दर्दनाक घटना पर काबू पाने के लिए फायर बिग्रेड की गाडि़यां सूचना के बावजूद देरी से पहुंची और मदद नहीं कर सकीं। बेकाबू आग की लपटों पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों के सैकड़ों हाथ मदद करने को खड़े हो गये और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फसल की बर्बादी का मंजर देख किसान मौके पर ही गश खाकर गिर पड़े। आग पर काबू पाने के बाद पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ी को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
आज गोवर्धन के समीपवर्ती गांव पलसौं एवं मुखराई मार्ग पर किसानों के लिए बर्बादी के पल लेकर आया। दोपहर करीब चार बजे खेतों की तरफ से उठते धुंआ के गुबारों ने किसानों के हलक सुखा दिये। जो जहां था वहीं से खेतों की तरफ दौड़ने लगा। आग की विकराल लपटें देख अन्नदाता की चीख निकल पड़ी, किसान बेहोश हो गये। बेतहाशा भागते लोग हाथों में पानी के संसाधन लिए खेतों की तरफ दौड़ लगाते रहे। किसान रामजी लाल, राधा किशन एवं रामफल की फसल आग की लपटों से जलकर राख हो गयी वहीं आग आगे बढ़ती जा रही थी। ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुये मदद को हाथ बढा दिये। कोई बाल्टी से लाकर पानी डालने लगा तो कोई मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास कर रहा था। समीप लगे इंजनों से निकलती पानी की धार का रूख फसल बचाने को बेताब दिखा। टेªक्टर से जोत लगाकर आग को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। सूचना के बाद भी दो घंटे बाद पहुंची फायर बिग्रेड गाड़ी से पहले ग्रामीणों ने आग पर बमुश्किल काबू पा लिया। जगह जगह सुलगती चिंगारियों को गांव की बहू बेटी लगातार बुझाने का प्रयास करती रहीं। आग बुझाने में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं, हाथों में आग बुझाने के लिए तरह तरह के बर्तनों को लिये काफी योगदान दिया। बच्चे हाथों से मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे। मौके पर पहुंची पुलिस को फसल बर्बादी की दास्तान सुनाने को ग्रामीण काफी संख्या में जमा हो गये। किसान फसल जलकर राख हो गयी। गरीबी की मार झेल रहे अन्नदाता की मुश्किलों में रोटी का संकट विकराल रूप धारण किये हुये है।





