मथुरा। भारत प्रसिद्ध कंस मेले को लेकर कान्हा की नगरी में भारी उल्लास है, चतुर्वेद और यादव समाज द्वारा अलग-अलग कंसवध मेले के आयोजन किए गए हैं। चतुर्वेद समाज का यह प्रमुख मेला हैं जिसे लेकर होलीगेट चैराहे सहित विश्राम बाजार से कंस टीले तक शहर को आकर्षक रूप से सजाया गया है।
‘कंसा मार मधुपुरी आए, मार-मार लठ्ठन धुर करि आये’ के उद्घोषों के बीच 21 नवम्बर शनिवार को भंग की तरंग में चतुर्वेद समाज के हर उम्र के युवा, हर उम्र के लोग हाथों में चम-चमाती लाठियां लिए नजर आएंगे। श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के मुख्य संरक्षक महेश पाठक, अध्यक्ष दिनेश पाठक, महामंत्री राकेश तिवारी ने समाज के सभी लोगों से परपरांगत कंस मेले को श्रद्धाभाव से मनाए जाने का अनुरोध किया है। यादवेन्द्र श्रीकृष्ण यादव महासभा के मीडिया प्रभारी रवि यादव ने बताया कि 21 नवम्बर सायं पांच बजे कंसवध मेला जरनल गंज नगर पालिका से प्रारंभ होकर बाढ़पुरा सदर होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा, जहां यदुवंशियों द्वारा अत्याचारी राजा कंस का वध कर इसे सामाजिक न्याय दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यादव समाज के डा. देवेन्द्र यादव, जिला पंचायत सदस्य वीरेन्द्र यादव, लाल बाबू यादव, संजीव यादव, राजू यादव, डा. यदुराज सिंह, भोला यादव, जगवीर सिंह, आदि ने सामाजिक न्याय दिवस को श्रद्धापूर्वक मनाए जाने का अनुरोध किया है।





