मथुरा। कलैक्ट्रेट पर आज एक किसान ने पत्नी सहित आत्मदाह करने का प्रयास किया जिससे पूरे कलैक्ट्रेट क्षेत्र में हड़कंप मच गया। डीएम कार्यालय के पास हुयी इस घटना से अफरा तफरी देखने को मिली। वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने जैसे-तैसे पति-पत्नी को रोका। उनके साथ एक और व्यक्ति भी मौजूद था। पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया और अपने साथ ले गयी। चैकी इंचार्ज ने बताया कि आत्मदाह की बात कहकर वह अपनी स्मारक की बात मनवाना चाह रहा था लेकिन वह कुछ नहीं कर पाया। आत्मदाह करने वाला प्रशासन और पुलिस को ‘भवका’ देकर अपने गांव के तालाब पर स्मारक बनवाना चाह रहा था। बताया गया कि मगोर्रा गांव का रहने वाला रमेश काफी समय से गांव में तालाब के पास अपने पिता का स्मारक बनवाना चाह रहा था। उसका कहना था कि उसके पिता शहीद हुये हैं इसीलिये उनका स्मारक बनना जरूरी है। इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट रामअरज यादव ने बताया कि प्रशासन द्वारा इसकी जांच कराई गयी तो इसमें पाया गया कि रमेश के पिता की हत्या हुयी थी। वह शहीद नहीं हुये। अब ऐसे व्यक्ति को तालाब पर स्मारक बनवाने की अनुमति कैसे दी जाती? जबकि सुप्रीम कोर्ट भी तालाबों पर स्मारक के खिलाफ है।





