मथुरा। भूमि अधिग्रहण के विरोध में अखिल भारतीय काग्रेंस कमेटी द्वारा आयोजित रैली की सफलता और युवा नेता राहुल गान्धी द्वारा दो माह के अज्ञातवास के बाद नये रूप में किसानों की पीड़ा को लेकर उनके साथ केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विरोध में जिस प्रकार काग्रेंस के संघर्ष करने का आव्हान किया गया। उससे कांग्रेंस के कोने कोने के कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार हुआ हैं। रैली में जनपद से भाग लेकर लौटे हजारों कार्यकर्ता उत्साह से परिपूर्ण नजर आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि काग्रेंस अब राहुल गान्धी के नेतृत्व में कुछ समय के बाद अपने पुराने स्थान में सफल होगी। रैली में भाग लेकर लोटे जिलाध्यक्ष आबिद हुसैन व शहर अध्यक्ष मलिक अरोड़ा ने कहा कि राहुल गान्धी ने अज्ञातवास के दौरान काग्रेंस की पूर्व में हुई पराजय पर गहनता से मन्थन कर पुनः किसान मजदूरों के हितों में सडकों पर उतर कर सघर्ष करने का निर्णय लिया हैं। बहुत समय के बाद का्रगेंस अब पूरे जोश खरोश में नजर आर रही हैं। नेताद्वय ने कहा कि काग्रेंस किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण बिल का पूरी ताकत के साथ विरोध करेगी तथा कांग्रेंस कार्यकर्ता केन्द्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कथनी और करनी का अन्तर जनता के बीच जाकर बतायेगे। दिल्ली में आयोजित रैली में भाग लेने वालों में बिहारी कान्त तिवारी, लियाकत कुरैशी, विनोद शर्मा, अब्दुल जव्वार, महेन्द्र गौतम, मास्टर प्रताप सिंह, जितेन्द्र मणि, कीर्ति कौशिक, विनेश सनवाल, बिहारी लाल, दीपक वर्मा, राजरानी निमेष, नीलम कुलश्रेष्ठ, अजय शर्मा, शिखा चैधरी, कमलेश चैधरी, सिम्मी बेगम, दिनेश विन्दल, पूरन प्रकाश कौशिक, एमएम शर्मा, निशान्त अहमद, रितेश वाल्मीकि, चैध्री ओमवीर सिंह, प्रदीप शर्मा, आरके मैसी आदि थे।





