किसानों को मिला राहत राशि दिलाये जाने का आश्वासन- मुकेश सिकरवार

लेखपाल राजनैतिक दबाव मंे दलालों के घर बैठ कर तैयार कर रहे सर्वे रिर्पोट

राधाकुण्ड, मुखराई व सकरवा के ले़खपालों ने की मनमानी सर्वे

गोवर्धन की मीणा वाली धर्मशाला में सपा के विधान सभा अध्यक्ष मुकेश सिकरवार किसान समस्याओं को लेकर सम्बोधित करते हुए

गोवर्धन। कस्वा के डीग अडडा स्थित मीणा वाली धर्मशाला मेें सोमवार को सपा के गोवर्धन विधान सभा अध्यक्ष मुकेश सिकरवार की अध्यक्षता में विधान सभा क्षेत्र के सैकडों आपदा पीडित किसान एवं ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की। बैठक में आपदा पीडित किसानो को राहत राशि सरकार द्वारा दिये जाने की जानकारी दी गई। किसानों को अन्य राजनैतिक दलों के बहकावे में आकर परेशान न होने की बात कही। जनपद भर में किसानों पर कहर बनकर टूटी वर्षा के साथ ओलावृष्टि से जहाॅ किसान सदमें में है तो वही मरहम लगाने में केन्द्र सरकार सहित राज्य की अखिलेश सरकार भी किसानों को मदद करने में पीछे नही हट रही हंै। जनपद में वर्षा एवं ओलावृष्टि की चपेट में आकर बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा देने के लिये राज्य सरकार ने 112 करोड रूपये की पहली किस्त रिलीज कर दी गयी है। 

जनपद की छाता माॅट एवं मथुरा तहसील के कुछ गाॅवों में किसानों मुआबजा राहत राशि के रूप में जिलाधिकारी राजेश कुमार एवं राजनैतिक दलों की देख रेख में वितरण कार्य भी चल रहा है। वही दूसरी ओर लेखपालों की मनमानी के चलते मनमाफिक सर्वे रिपोर्ट तेयार की जा रही है। जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे। ऐसा ही मामला मुखराई, सकरवा, राधाकुण्ड एवं कुन्जेरा आदि कई गांवों के किसानों द्वारा बताया गया कि लेखपाल गांव में एक अपने निजी आदमी के घर बेठकर पूरे गाॅव के रकवा की सर्वे रिपोर्ट तेयार कर प्रशासन को दी जा रही है। जिस पर ग्रामीण किसाानों को संदेह हो रहा है। और काफी चितित नजर आ रहे है। वहीं तहसील के राधाकुण्ड व मुखराई गाॅव के आपदा पीडित किसानों ने लेखपाल द्वारा की गई फसलों की सर्वे को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि लेखपाल अपनी मनमानी से एक ही दिन एक स्थान पर बेठ पूरे गाॅव के रकवा की सर्वे रिपोर्ट तेयार कर प्रशासन को दी है। बिना मौका देखे तेयार की सर्वे रिपोर्ट से किसानों को उचित लाभ नही मिलेगा। किसानों ने लेखपाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लेखपाल शासन प्रशासन के आदेशों की अवेहलना कर किसानों को परेशान कर रहे है। उचित मुआवजा नही मिला तो लेखपाल की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जायेगी। मुखराई व राधाकुण्ड के आपदा पीडित किसान लेखपाल द्वारा की गई सर्बे रिपोर्ट से काफी चिंतित नजर आ रहे है। बेमौसम हुई वर्षा से प्रत्येक किसान का 40 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक गेंहूॅ व सरसों आलू की फसल में नुकसान हुआ है। लेकिन लेखपालों द्वारा किये गये सर्वे गाॅव में एक स्थान पर बेठ कर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जिस सर्वे मंे गाॅव की राजनीति के चलते गरीव किसानों का अहित हो रहा और उचित मुआवजे से बंचित रह जाने की आंशका है।


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