गोवर्धन पूजा महोत्सव में पूजा अर्चना करते देशी-विदेशी भक्त
गोवर्धन धाम में अवतरित हुआ द्वापर युग
विदेश भक्त कृष्ण भक्ति में भावविभोर दिखायी दिये
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली एवं गिरिराज पूजा के प्राकट्य
स्थल गोवर्धन धाम में उस समय द्वापर युग का अवतरण हो गया, जब लाखों देशी
ही नहीं बल्कि सात-समुंदर पार से आये विदेशी भक्तों ने कलियुग के प्रथम
देवता कहे जाने वाले गिरिराज महाराज की पूजा अर्चना की। पग-पग पर मैं तौ
गोवर्धन कूं जाऊं...... की अभिव्यक्ति नजर आयी। एक ओर जहां गिरिराज
महाराज का दूध-दही, शहद, पंचामृत के साथ अभिषेक किया तो दूसरी ओर प्रातरू
से शुरू हुई 21 किमी. गिरिराज परिक्रमा के पग देर सांय तक थमे नहीं। हर
कोई आराध्य देव गिरिराज महाराज को मनाने में लगा रहा। गुरूवार की सुबह
अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति के हजारों देशी-विदेशी कृष्ण भक्त ने
श्रीगिरिधारी गौड़ीय मठ से लेकर राजा वाला मंदिर गिरिराज तलहटी तक गोवर्धन
पूजा शोभायात्रा बैंडबाजे के बीच निकाली। इस शोभायात्रा में आकर्षण का
केन्द्र विदेशी महिलाएं भारतीय परिधान पहने सिर पर प्रसाद की टोकरी व
दूध-दही की मटकी लेकर चल रही थी। इस मौके पर गिरिराज जी की तलहटी में कई
टन दूध-दही व पंचामृत के साथ अभिषेक किया गया। प्रशासनिक अव्यवस्थाओं में
जगह-जगह परिक्रमा मार्ग में जाम लगता रहा। तलहटी के सप्तकोसीय परिक्रमा
मार्ग में गिरिराज महाराज के जय-जयकारों की गूंज रही। श्रद्धालुओं ने
दानघाटी मंदिर से आन्यौर, पूंछरी, जतीपुरा होकर बड़ी परिक्रमा एवं
राधाकुंड होकर छोटी परिक्रमा लगाई। गिरिराज जी के मुकुट मुखारविंद मंदिर
स्थित मानसी गंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्रान किया। इसके बाद
गिरिराज का दूध से अभिषेक किया। गिरिराज जी के दानघाटी मंदिर एवं मुकुट
मुखारविंद मंदिर, जतीपुरा के मुखारविंद भीड़ से खचाखच भरे नजर आये।
परिक्रमा मार्ग में परिक्रमार्थियों की मानव श्रंखला बनती नजर आयी।
परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह अन्नकूट महोत्सव में भंडारों के आयोजन में
प्रसाद वितरित किया गया। तलहटी के मुकट मुखारविंद, गिरिराज दानघाटी,
मानसी गंगा के तट पर स्थित महल बदनसिंह में देवकीनंदन महाराज हरगोकुल,
राधाश्यामसुंदर, कनक भवन सीताराम मंदिर, राधा दामोदर सेवा आश्रम, गिरिराज
संत सेवा आश्रम ट्रस्ट कुसुम सरोवर, राधाकुंड स्थित रघुनाथ दास गोस्वामी,
वैष्णव सेवा आश्रम, हरिदेव जी महाराज मंदिर पर भक्तों ने पूजा की।
फूल बंगला व छप्पन भोग के बीच बिराजे गिरिराज महाराज
गोवर्धन। गिरिराज पूजा महोत्सव में सुप्रसिद्ध गिरिराज दानघाटी मंदिर में
सेवायत मथुरा प्रसाद कौशिक के निर्देशन में सुबह दूध से दुग्धाभिषेक
किया, वहीं सांयकालीन बेला में चांदी के सिंहासन एवं अद्भुत श्रंगार के
बीच गिरिराज महाराज के छप्पन भोग लगाये गये। रात्रि में भजन संध्या
कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
घर-घर में सजी गोबर की झांकी





