घनघोर वर्षा के वाद भी गिरिराज भक्तों के सैलाव परिक्रमा मार्ग में उमडा

धरी की धरी रह गयीं प्रशासनिक व्यवस्थाएं

मथुरा। आस्था और भक्ति के साथ जिस प्रकार श्रद्धालु मथुरा की ओर आ रहे हैं लेकिन शनिवार से लगातार हो रही वारिस ने एक तरफ नगर पालिका प्रशासन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चैपट कर दिया है। लगातार हो रही घनघोर वर्षा के कारण जहां एक ओर जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया वहीं मथुरा से गोवर्धन जाने वाले सभी मार्ग जलमग्न हो गये। चार पहिया या दुपहिया वाहनों का निकलना तो मुश्किल हुआ ही पैदल यात्री परदेशी चारों तरफ सड़को पर गोवर्धन तक पहुंचने का मार्ग तलाशते नजर आये। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई देने लगा। शहर के हालात तो इतने खराब हो गये कि भूतेश्वर पुल के नीचे और नये बस स्टैण्ड के निकट रेलवे पुल के नीचे 7 से 8 फुट गहरा पानी भरा हुआ था। गोवर्धन मुडिया पूर्णिमा मेला के लिये मंगाई गई, बसें जहां की तहां खडी नजर आ रहीं थी। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने पुल की ओर किसी को भी जाने नहीं दिया। इस वार हो रही वर्षा के विषय में लोगों का मानना है कि 10-12 वर्षों में इतनी वर्षा देखने को नहीं मिली। लोगों के टोल के टोल मथुरा की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने सप्तकोसीय परिक्रमा के लिये आने वाले वाहनों को गोवर्धन की तरफ जाने से रोक दिया गया। जगह जगह जल भराव के कारण परिक्रमार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

तमाम परेशानियों के चलते भी आस्थावान लोगों ने अपनी आस्था और धार्मिक भावनाओं को डिगने नही दिया, होठों पर जय गिरिराज जय गिरिराज के बोल के साथ दूध लेकर भक्तों ने गिरिराज महाराज की सप्त कोसीय परिक्रमा लगाई, पूजा-अर्चना कर भोग समर्पित किया, तो अविरल दूध की धार से हुए गिरिराज महाराज के अभिषेक और मनोरथ पूरा किया। पूरा गोवर्धन क्षेत्र गिर्राज के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है। सुबह से ही गोवर्धन की धरा का नजारा दर्शनीय था, मानव श्रृंखला में शामिल असंख्य महिला-पुरूष, बच्चे, युवाओं के टोल ही टोल नजर आ रहे थे। लबालब भरे पानी के बीच से होकर पैदल और दण्डौती परिक्रमा भी लोग पूरी कर रहे थे। श्रद्धा और भक्ति की मानव श्रंखला के बीच वर्षा ने जहां उमस और गर्मी से लोगों को राहत दी वहीं लगातार हो रही वारिस के कारण श्रद्धालु जल भराव के कारण परेशान भी हुए। लेकिन लोगों की आस्था में कोई कमी देखने को नहीं मिली। मुड़िया पूर्णिमा मेले की शुरूआत के पहले दिन से ही इन्द्रदेव भक्तों की परीक्षा लेते नजर आये। इन्द्रदेव गोवर्धन धरा पर जमकर मेघदूतों को बरसा रहे हैं, बावजूद इसके आस्था में कोई कमी नहीं आ पा रही। आस्था पूरी तरह अडिग है, कितनी भी बारिश हो, परिक्रमार्थियों के जज्बे में कोई कमी नहीं आ रही। ज्यों ज्यों बारिश तेज होती है। भक्त जोश के साथ जयकारे लगाने लगते हैं। गिरिराज महाराज के जयकारे से शुरू हुआ मेला रफ्तार पकड़ने लगा है। भक्तों का कारवां चारों दिशाओं से गोवर्धन की ओर बढ़ता दिखाई पड़ रहा है।

गोवर्धन महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा करने के लिए तलहटी में भक्ति, आस्था और विश्वास का जन समुद्र उमड़ पड़ा। शनिवार को सात कोस में मानव श्रंखला बनने लगी। आधीरात तक लाखों गिरिराज भक्त तलहटी में बिखरे नजर आए। कहीं कोई नृत्य कर परिक्रमा लगाने में मगन था, तो कोई राधे-राधे की धुन के साथ मस्ती में आगे बढ़ रहा था। भोपाल के वृद्ध रास बिहारी हों या 15 वर्षीय प्रदीप, 22 वर्षीया रश्मि हो या जीवन के 65 बसंत देख चुकी मछला देवी, किसी में भी आस्था कम नहीं दिख पड़ रही। गोवर्धन महाराज के बोल, उनकी आस्था को पग-पग पर बढ़ा रहे हैं। गोवर्धन का कण-कण गिरिराज जी की भक्ति में सराबोर नजर आया। विदेशी भक्त भी आस्था के सागर में डुबकी लगाने में पीछे नहीं रहे। आशा के विपरीत हो रही वर्षा के कारण आधी रात के बाद श्रद्धालुओं के सैलाब में कुछ ठहराव दिखाई दिया। इधर, गिरिराज जी के श्रृगार में इठलाये हीरे, माणिक, मोती स्वर्ण मुकुट पर मोर पंख, ठोड़ी पर सजा हीरा, हाथों में लकुटी और माणिक मोतियों का श्रगार पहन तिरछी चितवन से निहारते दानघाटी गिरिराज प्रभु की अलौकिक मनमोहक छवि श्रद्धालुओं को एकटक निहारने पर मजबूर कर रही थी। आंखो से बरसता माधुर्य सभी को अपनी ओर आकर्षित कर नयनाभिराम के नाम को सार्थक कर रहा है। हीरे, माणिक, मोती मानो गिरिराज प्रभु के श्रृंगार में आकर अपनी किस्मत पर इठला रहे हैं। फूलों की घाटी नजर आता गिरिराज मंदिर विभिन्न रंगों की लाइटों से चारों दिशाओं को शोभायमान कर रहा है। मुडिया पूर्णिमा पर्व पर गिरि गोवर्धन धाम आये लाखों श्रृद्धालुओं के जन सैलाब को नियंत्रित करने के लिये पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। भीड़ का रेला कारों बसों और दुपहिया तिपहिया वाहनों के जरिये देर रात से लेकर आज रविवार दोपहर तक आता रहा। जतीपुरा, मुखारबिन्द, दानघाटी, पूंछरी का लौठा आदि स्थानों पर पुलिस ने कडी चैकसी बरती।

अफसरों ने लगाई गोवर्धन की परिक्रमा

बरसात से लडखडाई प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेने शनिवार को देर रात तक डीएम, एसएसपी गोवर्धन पहुंचे। यहां उन्होंने ध्वस्त हुई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुडिया पूर्णिमा के पहले दिन से ही शुरू हुई बारिश से प्रशासन की लगभग दो माह से की जा तैयारियों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। मेला के लिए बनाई गई सभी पार्किंग इस समय लबालब हो गई है। सफाई व्यवस्था भी बुरी तरह ध्वस्त हो गई है। इसके अलावा अन्य संसाधनों पर भी बारिश का खासा असर पड़ा है, यातायात व्यवस्था भी चरमरा गयी है। अचानक हुए इन हालातों का निरीक्षण करने जिलाधिकारी निखिल चन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार, मेलाधिकारी (एडीएम) अजय कुमार अवस्थी ने गोवर्धन के पूरे मेला क्षेत्र व पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया। अफसरों ने मौके पर पहुंचकर यहां हालात पर काबू पाने की संभावनाओं को तलाशा। इस दौरान सीओ गोवर्धन अजय कुमार भी मौजूद रहे।


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