सन्तों के आशीर्वाद एवं उनके दिशा निर्देश पर यमुना मिशन के अन्तर्गत प्रारम्भ हुये कार्य जिसमें कृष्णगंगा घाट से गऊघाट तक घाटों का जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण, वृक्षारोपण आदि सम्मलित है इसके साथ साथ सरस्वती कुण्ड स्वामी घाट, काष्र्णिकुण्ड, चरणामृत कुण्ड आदि कुण्डों का जीर्णोद्धार कार्य किया जा रहा है जिसमें भारत के बडे सन्तों जिनमें पूज्य काष्र्णि गुरू शरणानन्द जी महाराज, पूज्य संत सियाराम दास जी महाराज, पूज्य दलाई लामा जी, जैसे महान सन्तों का सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
इसी क्रम में यमुना मिशन द्वारा मथुरा परिक्रमा मार्ग में स्थित चक्रतीर्थ घाट पर उसके जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है जो अब समाप्ति की ओर है। घाट के बदलते स्वरूप को देख वहाॅ के क्षेत्रवासियों में हर्ष की लहर है।
यमुना मिशन के संयोजक पं0 अनिल शर्मा ने बताया कि चक्रतीर्थ घाट की महिमा पुराणों एवं भागवत में मिलती है। इसी जगह भगवान विष्णु का चक्र आकर शान्त हुआ था। यमुना के दूर होते ही यह घाट उपेक्षा का शिकार हो गया था। यमुना मिशन द्वारा घाट का जीर्णोद्धार कर उसका सौन्दर्यीकरण का कार्य किया गया जो अब बस कुछ दिवस पश्चात् समापन की ओर है। उसके पश्चात् भक्त यहाॅ आस्था और भक्ति भाव के साथ पुनः स्नान कर सकेगे।
इस अवसर पर लपुटी पंडित, मुकेश ठाकुर, मीरा गोस्वामी, मोनू पंडित, महेश पंडित, गोविन्दा, बलराम आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





