हाईवे पर जाम लगाना समस्या का समाधान नहीं
मथुरा। जैंत पुलिस चैकी क्षेत्र के कस्बा चैमुंहा में आयोजित ग्रामीणों की पंचायत में एसपी सिटी ने कहा कि किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दी जाएगी। हाईवे पर या किसी अन्य रोड पर जाम लगाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। ज्ञात रहे कि चैमुंहा हाईवे पर गोवंश से भरा ट्रक मिलने पर मृत तथा जीवित गायों को उतार कर ट्रक को आग के हवाले कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने घंटों हाईवे जाम रखा था। इससे यात्रियों, वाहन चालकों व राहगीरों को बड़ी परेशानी हुई। जाम लगाए जाने से घंटों तक पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव बना रहा। इस बीच कई बार पथराव भी हुआ। इसी मामले को लेकर पुलिस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की योजना बना रही थी। जाम को अंजाम बाहरी लोगों द्वारा किए जाने का संज्ञान आते ही पुलिस ने अपना रुख बदल दिया। इसी के परिपेक्ष में देर शाम रामलीला ग्राउंड में पंचायत आयोजित की गई। इसमें आसपास के गांवों तथा कस्बे के लोगों ने भाग लिया। पंचायत को संबोधित करते हुए एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा गोवंश से भरा ट्रक पकड़ा जाना सराहनीय और साहसिक कार्य है, लेकिन घटना के बाद ट्रक को आग के हवाले करना और हाईवे जाम करना समझदारी का काम नहीं रहा। जाम लगा कर लोगों ने नादानी का परिचय दिया। इससे हजारों राहगीरों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई एम्बुलेंस जाम में फंसी रही। ग्रामीणों से कई बार आग्रह किया, मगर किसी ने समझदारी का परिचय नहीं दिया। बमुश्किल जाम खुला। उन्होंने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि कानून हाथ में न लें। अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। आग लगने से ट्रक के चेसिस नंबर आदि खोजने में परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि ट्रक मालिक का पता लगा लिया गया है। पुलिस शीघ्र गोवंश की तस्करी कर ले जा रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। उनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। कस्बावासियों ने पुलिस अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि ऐसा भविष्य में नहीं होने देंगे। जाम लगाने का काम आसपास के कॅलेजों के छात्रों व असामाजिक तत्वों ने किया, बाद में कुछ युवक जोश में आकर घटना में शामिल हो गए थे। वृंदावन कोतवाली प्रभारी मनीष चंद ने विचार व्यक्त किए। पंचायत में बसपा नेता अतुल सिसौदिया, भगवान सिंह, कल्याण सिंह, दुर्गाप्रसाद सेठ, पूर्व चेयरमैन पाल सिंह यादव, चेयरमैन बिहारी राम पहलवान, डाॅ. गिर्राज सिंह, राधामोहन जी गोशाला के सचिव द्वारिकाधीश यादव आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे।





