कृषि मण्डी मंे अपने गेंहूं को लेकर परेशान किसान
मथुरा। जनपद में ओलावृष्टि और बरसात से बर्बाद हुयी किसानों की फसलें बाजार और मण्डियों में पंहुच गयी हैं लेकिन सरकार उसे खरीद नहीं रही है। खराब गेंहू और घटिया क्वालिटी दिखाकर किसानों के गेंहू को नहीं खरीदा जा रहा है। केवल सरकार और प्रशासन द्वारा किसानों को चैक बांटकर उनके आंसू नहीं पोंछे जा सकते। स्थिति यह है कि जनपद की एक दो मंडियों को छोड़कर सभी जगहों पर किसानों का गेंहू आढ़तिये ले रहे हैं। सरकार के नुमाइंदे इस हकीकत से वाकिफ होने के बाद भी खरीद केन्द्रों पर गेंहू नहीं खरीद रहे। जहां खरीदा भी जा रहा है वहां बिना बोली लगाये गेंहू खरीदा जा रहा है। इससे किसान परेशान हैं। गोवर्धन की मण्डी में जरूर कई दृश्य ऐसे नजर आये जहां किसानों से बोली लगाकर गेंहू खरीदते देखा गया। यहां के किसान इस बात से संतुष्ट नजर आये। विनोद निवासी नीमगांव, मुरारी निवासी मलसराय कहते हैं कि यहां की मण्डी में जरूर बोली से गेंहू लिया जा रहा है जबकि कोसी, मथुरा, राया, सौंख, आदि क्षेत्रों में हमारे प्रतिनिधियों ने दौरा कर देखा कि यहां एक-दो जगह जरूर बोली की औपचारिकता निभाई जा रही थी अन्यथा सभी स्थानों पर बिना बोली लगाये गेंहू लिया जा रहा है। यह खराब स्थिति है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुँ. नरेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि ऐसा ही होता रहा तो वे सड़क से लेकर कलैक्ट्रेट तक मथुरा को जाम करा देंगे। आंदोलन और धरने दिये जायेंगे। सभी मण्डियों में लगे गेंहू खरीद केन्द्रों के संचालकों को हिदायत देते कांग्रेस नेता ने कहा कि वे अपनी हरकतों से बाज आयें और किसानों का सब प्रकार का गेंहू खरीदें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं कह चुके हैं कि किसानों का खराब गेंहू भी खरीदा जाये। जब सरकार इसके लिए राजी है तो नुमाइंदे अपनी अलग गणित क्यों फैला रहे हैं? अगर यह हरकतों से बाज नहीं आये तो इनका वहीं पर इलाज किया जायेगा। उन्होंने कहा कि केवल गोवर्धन मण्डी में जरूर बोली से गेंहू लिया जा रहा है जबकि अन्य मण्डियां इसका पालन नहीं कर रहीं।





