मथुरा । श्री कृष्ण जन्मस्थान लीला मंच पर चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव में शिव-पार्वती विवाह की लीला देख श्रद्धालु गदगद हो गये। रामलीला सभा के तत्वावधान में हो रहे इस आयोजन में सबसे ज्यादा आकर्षक शिवजी की बारात रही।
लीला मंचन के दौरान हिमालय के राजा हिमवान और रानी मैनावती के यहाँ पार्वती का जन्म हुआ। नारदजी ने हिमवान से पार्वती के सुलक्षण बताए। भगवान शंकर ने सप्त ऋषियों को पार्वतीजी की मनोइच्छा जानने को भेजा। सभी देवताओं ने कामदेव को शिव के अन्दर प्रेम को जगाने के लिए प्रेरित किया लेकिन कामदेव शिव के क्रोध का शिकार हो गया। विष्णु, ब्रह्मा, इंद्र आदि देवताओं के अनुरोध पर शंकर जी दूल्हा का वेश धारणकर दिगपाल, भूत, प्रेत, पिशाच आदि देवताओं के साथ
बारात लेकर राजा हिमवान के यहाँ पहुँचते हैं। शिव की बारात बड़ी अलौकिक थी। इस अवसर पर गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, राजकुमार, आदित्य कुमार, दिनेश चन्द्र, उमेश, बनवारी लाल गर्ग, सर्वेश शर्मा, अशोक गुडेरा, अशोक वंसल, अजय मास्टर, राजनारायण गौड़, विपुल पारिक आदि उपस्थित थे





