मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज रामभरोसे चल रहा है। हर एक मर्ज की एक ही दवा देकर ठहला दिया जाता है। एक तरफ प्रदेश सरकार अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात करती है और वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उसकी हवा निकालने में लगे हैं। सूत्र बताते है कि पिछले करीब एक माह से जिला अस्पताल में रेबीज ;कुत्ता काटने वालेद्ध इंजेक्शन न होने से जिला अस्पताल में आने वाले सैकड़ों मरीजों को अपने पैसे से बाजार से खरीद कर कुत्ते काटने वाला इंजैक्शन लगवाने को विवश होना पड़ता है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में कुत्ते के काटने वाले मरीज इंजैक्शन न होने की वजह से निराश होकर लौट जाते हैं। वहीं करीब सात माह से खांसी का कफ सीरफ व दर्दनाशक ट्यूब भी उपलब्ध नहीं है। यह सब चीजें मरीजों को बाहर से खरीदने को विवश होना पड़ता है। जुकाम, खांसी बुखार एवं अन्य रोगों में अस्पताल में उपलब्ध गिनी चुनी दवाएं ही मरीजों को देकर उन्हें ठहला दिया जाता है।





