मथुरा। जिला पंचायत की कुर्सी हथियाने के लिये दिग्गज नेताओं में जंग छिड़ गयी है। बसपा, भाजपा, रालोद और सपा की बात छोड़ें, निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी पंचायत बनाने का दावा ठोक रहे हैं। संख्याबल के आधार पर पंचायत का गठन होना है। इसको लेकर जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हो गयी है।
बसपा जहां सर्वाधिक सदस्यों का दावा कर रही है तो भाजपा भी खुलकर पंचायत बनाने का ऐलान कर रही है। समाजवादी पार्टी भी किसी से पीछे नहीं है। पार्टी के नेता जगदीश नौहवार पंचायत बनाने के लिये आतुर हैं। जोड़तोड़ के आधार पर किसको कितनी सफलता मिलेगी? यह तो समय बतायेगा। हाल में भाजपा में आये नेता भी जिला पंचायत बनाने के लिये पूरी ताकत झोंके हुये हैं। समाजवादी पार्टी के नेता और डीसीवी अध्यक्ष अपनी पार्टी और अन्य सदस्यों का अपने में जोड़तोड़ बताकर पंचायत बना सकते हैं। रालोद को रोकने के लिये बसपा और भाजपा के नेता हाथ मिला सकते हैं लेकिन नौहवार जैसे लोग इसमें आड़े पड़ रहे हैं जिससे उनका गणित बिगड़ गया है।
जनपद की राजनीति में एक अहम स्थान रखने वाले और पूर्व में मंत्री रहे एक नेताजी जिला पंचायत पर कब्जे के लिये बुरी तरह आतुर हैं। वे इसके लिये अपनी नई पार्टी भी बना सकते हैं। क्योंकि यह उनका पुराना इतिहास रहा है। इसी के चलते कुछ दिन पूर्व भी वह जिला पंचायत पर कब्जे को लेकर पाटी के वरिष्ठ नेताओं के कोप का भाजन हो चुके हैं। राजनीति का अपने आप को चाणक्य बताने वाले नेताजी इस कुर्सी के चक्कर में पार्टी को भी बाय-बाय कर सकते हैं।





