
नई दिल्ली : झारखंड और जम्मू कश्मीर विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल के जनवरी माह में समाप्त हो रहा है।
संविधान के अनुच्छेद 324 और अनुच्छेद 172(1) तथा भारतीय जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 15 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों, दायित्वों और कार्यों का अनुपालन करते हुए निर्वाचन आयोग को झारखंड राज्य में वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले नई विधानसभा का गठन होना है।
इसी प्रकार, जम्मू कश्मीर के संविधान की धारा 138 और धारा 52(1) तथा विशेष संदर्भ संख्या 2002 का 1 [एआईआर 2003 एससी 87, (2002) 8 एससीसी 237], में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय तथा जम्मू कश्मीर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1957 की धारा 27 में प्रदत्त शक्तियों, दायित्वों और कार्यों का अनुपालन करते हुए निर्वाचन आयोग को जम्मू कश्मीर राज्य में अगले साल 19 जनवरी को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले नई विधानसभा का गठन होना है।
इन राज्यों में मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम इस्तेमाल की जाएंगी। आयोग ने सुचारू मतदान के लिए पर्याप्त संख्या में ईवीएम की व्यवस्था पहले ही कर ली है।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार मतपत्र में अंतिम उम्मीदवार के नाम के बाद नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) के विकल्प का प्रावधान किया गया है। आयोग इस विकल्प की जानकारी मतदाताओं को देने के उपाय कर रहा है।
आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए उपयुक्त माहौल बनाए रखने के लिए मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं ताकि मतदाता बिना किसी भय के मतदान कर सकें। पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और राज्य सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए जाएंगे।
‘पेड न्यूज’ के मुद्दे से निपटने के लिए जिला, राज्य और ईसीआई स्तर पर तीन स्तरीय मीडिया प्रमाणन और मीडिया निगरानी समितियां बनाई गई हैं।






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