मथुरा। यमुना मुक्ति को लेकर यम द्वितीया के दिन शुरू हुए त्रिशूल अभियानष् के बाबत डा. रमेश चन्द्र शर्मा स्मारक शोध एवं सेवा संस्थान के तत्वावधान में 16 नवम्बर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा त्रिशूल अभियान के बारे में पूछे जाने पर संस्थान अध्यक्ष एवं यमुना मुक्त आन्दोलन के सूत्रधार डाॅ0 सुरेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि दिल्लीए हरियाणा और केन्द्र सरकारों के चलते यमुना 142 सालों से कैद का दंश झेल रही है जिसे मुक्त कराने के लिए यमुना मुक्त आन्दोलन की चैथी वर्षगांठ पर ष्त्रिशूल अभियानष् शुरू किया गया है।
डाॅ0 शर्मा ने आगे बताया कि संस्थान द्वारा यमुना के साथ अन्याय किये जाने का विरोध उस वक्त भी किया गया थाए जब साढ़े ग्यारह हजार करोड़ रूपये की लागत से होने वाले कामनवेल्द गेम्स से पूर्व दिल्ली में यमुना सफाई के लिए स्वीकृत आठ सौ करोड़ रूपये में से आठ रूपये भी खर्च नहीं किये गये थे और खेलों का मूल बजट साढ़े ग्यारह हजार करोड़ से छलांग लगाकर सतहŸार हजार करोड़ रूपये हो गया था।
कामनवेल्द को लेकर डा. शर्मा ने उन वैज्ञानिकांे की भी निन्दा की जो आठ सौ करोड़ रूपये में दिल्ली के सारे नालों को यमुना में गिरने से रोकने का दावा कर रहे थे। लेकिन जब देश को ईमानदार और कर्मठ प्रधान मंत्री मिल गया तो और उसने खुलकर यमुना पर चर्चा की तो वैज्ञानिकों को सांप सूंघ गया और आज वे आठ हजार करोड़ रूपये में भी दिल्ली के नाले रोकने का दावा नहीं कर पा रहे हैं।





