प्रोफेसर बालकृष्णा की पुस्तक 'दी रोल ऑफ़ दी प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया' का विमोचन मुंबई प्रेस क्लब में श्री बी के शर्मा के द्वारा किया गया
मुम्बई। श्री बृज किशोर शर्मा(राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन के अध्यक्ष, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा प्रोफेसर बालकृष्णा (भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के प्रेस अताशे)द्वारा लिखित पुस्तक 'दी रोल ऑफ़ दी प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया' का विमोचन प्रेस क्लब, सीएसटी, मुंबई में 26 सितंबर, 2015 को किया गया।पुस्तक का प्रकाशन 'फ्रंटियर इंडिया टेक्नोलॉजी' द्वारा श्री जोसेफ पी चाको द्वारा किया गया है।
सन् 1990 में लिखा, पुस्तक में उनकी भूमिका और शक्तियों के बारे में भारत के पहले राष्ट्रपति को सौंपी गई एक रिपोर्ट पर आधारित है। संविधान 26 जनवरी, 1950 को अस्तित्व में आया है, जब राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा दिया गया प्रावधानों के आधार पर उनकी भूमिका की व्याख्या करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने भारत तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और अटार्नी जनरल एम.सी. सीतलवाड़ से भी प्रेसिडेंट के पावर के बारे पूछा लेकिन कोई भी जवाब उन्हे सही नहीं लगा।बाद में वे इस मामले आगे की जांच की जरूरत महसूस किया।स्वर्गीय प्रोफेसर बालकृष्णा को डॉ राजेंद्र प्रसाद के एक निमंत्रण मिलने के बाद वे भारत की संविधान सभा के सचिवालय में शामिल हो गए। उन्हे हिन्दी में संविधान तैयार करने का काम सौंपा गया था। बाद में वे प्रेस अताशे के रूप में राष्ट्रपति के निजी स्टाफ में शामिल हो गए, और बाद में उसकी उप सचिव के रूप में कार्य किया। उसके बाद गोपनीय आधार पर प्रो बालकृष्णा को प्रेसिडेंट के पावर के बारे जांच का काम सौंपा गया।
इस अवसर पर श्री बृज किशोर शर्मा ने पुस्तक 'दी रोल ऑफ़ दी प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया' के बारे में लोगों को बताया और अपनी राय लोगों को बताया। भारत के प्रख्यात संवैधानिक वकील से श्री फाली एस नरीमन, जो किसी कारणवश यहा आ नहीं सके। उनके द्वारा भेजा सन्देश और पुस्तक के बारे में प्रतिक्रिया पढ़ कर लोगों को सुनाया गया। स्वर्गीय प्रोफेसर बालकृष्णा
के बेटे श्री धर्मेन्द्र कुमार, कमोडोर श्री अरुण कुमार, श्री हेमंत कुमार, बेटी प्रभा राव भी आये थे और उनके सहयोग की वज़ह से इस बुक का प्रकाशन हुआ। इस अवसर पर पुस्तक का प्रकाशन 'फ्रंटियर इंडिया टेक्नोलॉजी' द्वारा श्री जोसेफ पी चाको और उनकी पत्नी, सुमित मेहता इत्यादि लोगों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर को सफल बनाया।





