दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते राज्यपाल राम नाइक
छात्रों को पीचडी की उपाधि से सम्मानित करते राज्यपा
मथुरा। पं. दीनदयाल पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में आज पांचवां दीक्षांत समारोह में आये प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने 68 छात्र-छात्राओं को बैचलर और पीएचडी उपाधि से सम्मानित किया। इस अवसर पर बोलते हुये राज्यपाल ने कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है और छात्रों को कड़ी मेहनत करनी चाहिये। आज जब हमने कुल सचिव से इसके आंकड़े लिये तो उन्होंने बताया कि 68 में से 20 लड़कियांे को मानद उपाधि एवं 6 लड़कियों को गोल्ड मैडल से सम्मानित किया है तथा 3 छात्र गोल्ड और सिल्वर मैडल प्राप्त कर सके हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के युग में लड़कियां लड़कों से आगे हैं। कहीं ऐसा न हो कि छात्र छात्राओं से पीछे रह जायें। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिये कृषि का विकास होना जरूरी है।
कृषि और पशुपालन पर विशेष ध्यान देने पर जोर देते कहा कि कृषि के क्षेत्र में उत्पादन की आवश्यकता बहुत जरूरी है। देखने में आ रहा है कि अधिकतर भूिम पर जो उपज होनी चाहिये वह नहीं हो पा रही। इसकी मुख्य वजह यह रही है कि पहले पशुओं के द्वारा खेती की जाती थी लेकिन आज हर घर में ट्रैक्टरों के द्वारा खेती हो रही है इससे उर्वरक संख्या में कमी आ रही है। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों के वेश का भारतीयकरण होना चाहिये और मुझे खुशी हो रही है कि विवि प्रबंधक ने हमारी बात को ध्यान में रखते हुये भारतीय संस्कृति के लिये छात्रों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्य वक्ता एमएल मदान ने अपना भाषण अंग्रेजी में दिया लेकिन उन्हें चाहिये था कि वे अपना भाषण हिन्दी में देते तो सभी लोग उनके इस भाषण से प्रभावित होते। उन्होंने कहा कि अब तक बहुत कुछ हुआ है और अभी बहुत कुछ करना बाकी है। इसके लिये शिक्षक और छात्रों को चाहिये कि वे अपने जीवन में ऊंचाईयां प्राप्त करें। इससे पूर्व पांचवें दीक्षान्त समारोह का शुभांरभ सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रोगे्रस रिपोर्ट पेश की गयी।
वेटरनरि विवि के दीक्षान्त समारोह में आज नौ छात्र-छात्राओं को गोल्ड और सिल्वर मैडल प्रदान किये गये। इनमें कु. आकांक्षा सिंह, कु. लवीना, कु. आकांक्षा सिंह, सुधीर सिंह को गोल्ड मैडल प्रदान किया गया। वहीं सिल्वर मैडल आनंद कुशवाह और अर्चना यादव को दिया गया। ब्राॅन्ज मैडल देश दीपक को मिला वहीं वाइस चांसलर मेडल कु. दीपांका और सरस्वती ओझा को दिया गया।





