पंचकोसीय परिक्रमा में उमड़ा भक्तों का सैलाब
मथुरा। आज अक्षय नवमी के पर्व पर सुबह से ही मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रतिवर्ष अक्षय नवमी के पर्व पर मथुरा के लोग पांच कोस की परिक्रमा करते हैं। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व रहता है। परिक्रमास में नर-नारि और बच्चे काफी उत्साह और श्रद्धा के साथ परिक्रमा देते दिखाई दिये। पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग में मानव श्रृंखला बन गयी।
लेकिन श्रद्धालुओं का कहना था कि परिक्रमा मार्ग में कंकड़ों को न हटाने से श्रद्धालुओं को बाधायें हुयीं। अक्षय नवमी पर्व पर आज यमुना किनारे दान-पुण्य करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। शहर और देहात से बच्चे, वृद्ध भी परिक्रमा लगाते देखे गये। वैसे तो यह क्रम गोपाष्टमी के दिन से ही शुरू हो गया था लेकिन आज मुख्य पर्व होने के कारण पूरे पांच कोस में श्रद्धालुओं की संख्या देखने लायक थी। सरस्वती कुण्ड पर पड़ाव स्थल होने के कारण जहां श्रद्धालु मां सरस्वती, विष्णु भगवान और गणेशजी के दर्शन कर वहां विश्राम कर रहे थे वहीं कंकाली मंदिर पर भी विश्राम का पड़ाव देखा गया। चामुण्डा देवी मंदिर, गायत्री तपोभूमि, गोकुरण नाथ और यमुना किनारे मंदिरों पर भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते देखे गये। यमुना मंे स्नान भी श्रद्धालुओं ने किया।





