मथुरा। उ0प्र0 प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी राजेश कुमार से मिला तथा चार सूत्रीय माॅगो को लेकर शिक्षा मित्रों के द्वितीय वैच में 1042 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित कराये जाने को लेकर ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में कहा है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा द्वारा प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिकों के रिक्त पदों की गणना हेतु तीन खण्ड शिक्षा अधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया गया था जिसके द्वारा 679 रिक्त पद दर्शायें गये जो कि भाम्रक हैं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा 26 मार्च को समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को स्मरण पत्र के साथ निर्देशित किया गया था कि सहायक अध्यापकों की पदोन्नति के उपरान्त ही शिक्षा मित्र समायोजन प्रक्रिया अमल में लाई जाये जिससें अधिक से अधिक शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जा सकें। इसके बावजूद भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा उक्त निर्देशों के बावजूद आजतक कोई पदोन्नति प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। अगर प्रक्रिया अपनाई गई होती तो 220 शिक्षा मित्र के पद समायोजन हेतु और रिक्त हो जाते। ज्ञापन में कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को जनपद में प्रारभिक विद्यालय में सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों की जो सूचना उपलब्ध कराई गई हैं। अगर उसका भी पालन किया जाये तो 1042 शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जा सकता हैं। ज्ञापन में कहा कि सचिव बेसिक शिक्षा निदेशक के अनुसार जनपद में 1388 पद रिक्त है इसके बावजूद 1176 पद ही रिक्त दर्शायें गये है जिसके चलते 212 शिक्षा मित्रों को समायोजन के माध्यम से नियुक्ति मिलनें से वंचित कर दिया गया हैं। प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से सुसंगत शासनादेशों का पालन कराते हुए पारदर्शी प्रक्रिया से समायोजित कराये जाने की माॅग की हैं। प्रतिनिधि मंडल में संघ के उपाध्यक्ष संजय सिंह सिसोदिया, लक्ष्मी डावर, निर्मला चैधरी, सीतू मित्तल, मन्जू देवी, रेखा शर्मा, प्रीति बंसल, मीना, रूचि, भग्रवती, सन्ध्या आदि थी।





