पूरन ने ही विशाल जनादेश द्वारा सरकार तक पहुंचाया था सन्देश

अभी चार गांव और बाकी हैं- पूरन कौशिक 

तहसील शुभारम्भ पर स्थानीय लोगों द्वारा माला दुपटटा ओढ़ एवं बुके देकर सम्मान करती एक महिला 

गोवर्धन। गिरिराज धाम में तहसील की स्थापना के लिये लम्बे समय तक संघर्ष करते रहे स्थानीय ब्राम्हण नेता पूरन कौशिक को यहां चहुँ ओर मुक्त कण्ठ से इस सफलता का श्रेय दिया जा रहा है। वहीं पूरन कौशिक अभी भी इस तहसील से बाकी रह गये चार गांवों को इसमें जोड़े जाने की मांग को लेकर संघर्ष को बाकी बता रहे है। वहीं अस्थाई भवन में स्थापित की गयी तहसील के अपने मूल भवन की स्थापना तक वे संघर्ष का क्रम जारी रखेंगे। वहीं विगत रोज तहसील की स्थापना के वक्त पूरी तरह शासन प्रशासन और सपा मय रहे मंच को उन्होंने अपनी मांग मुखर स्वर मंे सुना भी दी है। 

इतना ही तहसील स्थापना के मौके पर ही भरी सभा के बीचों बीच उन्हें इस सफलता के लिये बधाई देने वालों का तांता लग गया था। तहसील के संघर्ष की सफलता पर लोगों ने स्वयं द्वारा लाये गये फूल मालाओं दुपटटा पटुकओं से उनका स्वागत कर उन्हें लाद दिया गया। वहीं इस कार्यक्रम में आये बाहर के नेताआंे द्वारा भी उनके इस तहसील के लिये किये गये संघर्ष की पूरी जानकारी स्थानीय नेताओं से ली गयी थी।

विदित हो कि एक चुनावी सभा में गिरिराज धाम में तहसील स्थापना की तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव सरकार द्वारा की गयी घोषणा सरकार बदलते ही कागजों में सिमट कर रह गयी थी। फाइलों के बोझ तले दबी तहसील की इस घोषणा को नयी सपा सरकार में यहां के स्थानीय ब्राम्हण नेता पूरन कौशिक ने बड़े ही जोर शोर से उबारा और उसे एक विशाल आन्दोलन के रूप में खड़ा कर दिया था। श्री कौशिक ने तहसील स्थापना की मांग को लेकर गोवर्धन तहसील संघर्ष समिति का मंच तैयार कर संघर्ष आरम्भ किया और जब उनकी संघर्ष समिति यहां गिरिराज धाम में विशाल जन सैलाब के साथ सड़कों पर उतरी तो लखनऊ में सपा सरकार के हर गलियारें में इसकी गूंज सुनाई दी। सपा सरकार ने मुलायम सिंह यादव की उक्त भूली बिसरी घोषणा की भूल को सुधारते हुए तहसील निर्माण की प्रक्रिया तत्काल आरम्भ कर दी। इसके बावजूद पूरे मनोयोग से जुटे रहे पूरन ने दस हजार पोस्ट कार्ड सपा सरकार को भेज कर तहसील की मांग दोहरायी। कई बार स्वयं मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से मुलाकात कर इस घोषणा की याद दिलाई और इसके लिये लगातार प्रयासरत रहे। इसी के परिणाम स्वरूप गोवर्धन तहसील की विगत रोज आधार शिला सपा नेता और राज्य सभा सांसद प्रो0 राम गोपाल यादव द्वारा रखी गयी।

जब पूरन कौशिक से हमने इस बारे वार्ता कर इस सफलता का श्रेय दिये जाने के बावत पूछा तो उनका कहना सिर्फ ये था कि अभी तो इस गोवर्धन तहसील में 4 गांवों को और शामिल किये जाने का संघर्ष बाकी है जिन्हे अपरिहार्य कारणों से इसमें शामिल कर दिये जाने से छोड़ दिया गया था। जब तक मुखराई, कौन्हई, जुल्हैंदी और बसौंती ये चार गांव इस तहसील में शामिल नहीं होते मेरा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। विदित हो कि इन चार गांवों का मुददा पूरन कौशिक ने विगत रोज तहसील के शुभारम्भ पर आयोजित भरी सभा में मुख्यातिथि सपा सांसद प्रो0 रामगोपाल यादव के सम्मुख उठाया भी था जिसे एक सिरे स्वीकार कर उन्हें आश्वासन दिया गया कि ये प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जायेगी और उन गांवों को तहसील में जोड़ लिया जायेगा। 

वहीं गोवर्धन तहसील संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन कौशिक एवं उनकी समिति के सभी सदस्यों ने तहसील की स्थापना पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ब्रज वासियों की ओर से अपना बारम्बार साधुवाद दिया है। वहीं तहसील स्थापना के उपरान्त नगर भ्रमण पर निकले श्री कौशिक और उनकी तहसील संघर्ष समिति के सदस्यों का जगह जगह लोगों ने स्वागत सत्कार और सम्मान कर उन्हें इस सफलता पर बधाईयाँ दी है।


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