प्रशासनिक अधिकारियों पर बसपा विधायक की पत्नी को हराने का आरोप

हंगामे के बाद सीओ सिटी परिवारीजनों और समर्थकों को समझाते हुए

परिवारीजनों और समर्थकों का कलक्टेÑट पर हंगामा

मथुरा। जिला पंचायत चुनाव की कल हुई मतगणना में वार्ड नं़ 38 से बसपा के विधायक राजकुमार रावत की धर्मपत्नी विमलेश रावत चुनाव हार गईं। उनके समर्थक और परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें जान बूझकर हराया गया है। जिला प्रशासन की धांधली को लेकर विधायक समर्थक लोग आज सुबह से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने इकट्ठे होकर रोष जताते रहे और इस गड़बड़ी के लिए पुर्नमतगणना की मांग करते रहे। इन लोगों ने जहां नारेबाजी की वहीं, निर्वाचन आयुक्त उप्ऱ को एक शिकायत भी भेजी, जिसमें कहा गया है कि कल हुई मतगणना में अंतिम गणना के पश्चात विमलेश रावत धर्मपत्नी राजकुमार रावत 107 मतों से विजयी हो गईं परंतु अंतिम समय राजकीय इंटर कालेज राया पर नियुक्त एआरओ एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जानबूझकर विमलेश रावत के विरुद्घ षडंयत्र कर धांधली की गई और जबरदस्ती 32 वोटों से निकटतम प्रत्याशी ओमवती को विजयी घोषित कर दिया। उनका आरोप था कि लिखित आपत्ति एवं पुर्नगणना की मांग के बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जान बूझकर उन्हें लगातार गुमराह किया जाता रहा और विमलेश रावत की कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि षडयंत्र पूर्वक हराया गया प्रशासनिक अधिकारियों ने महिला प्रत्याशी के साथ घोर अन्याय किया है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पुर्नमतगणना की मांग की। आज उनके समर्थकों ने कलक्टेÑट पर इसको लेकर हंगामा भी किया। स्वयं विधायक के भाई बंटू रावत और अन्य परिवार के लोग वहां मौजूद रहे। इस संबंध में जब जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आरोप निराधार है, पुर्नमतगणना नहीं हो सकती। उन्होंने मांग को पूरी तरह ठुकरा दिया।

 


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login






Mediabharti