मथुरा। बाबूलाल महाविद्यालय के संस्थापक और समाजसेवी खेमचंद शर्मा और उनके अधिवक्ता पुत्र पर पिछले समय किये गये प्राणघातक हमले के मामले में अदालत में हाजिर न होने पर अदालत द्वारा कुर्की वारंट जारी कर दिये गये थे। इसके उपरांत भी गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट और पुलिस सक्रिय थी। इसी के चलते कल आरोपियों ने एसीजेएम द्वितीय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया जिन्हें वहां से जेल भेज दिया गया। ज्ञात रहे कि विगत वर्ष रामलीला के दौरान महाविद्यालय संचालक खेमचंद शर्मा एवं उनके पुत्र अधिवक्ता नंदकिशोर शर्मा एड. पर जान से मारने की नीयत से हमला बोल दिया था। इस मामले में कोर्ट ने बार-बार आरोपियों को गैर जमानती वारंट जारी किये। अंतिम कार्यवाही में हाजिर न होने की स्थिति में कुर्की के आदेश संबधित पुलिस को दिये गये। कल इस मामले में छह आरोपियों में से रामधन शर्मा, सुनील, मोहित शर्मा, कृष्णकांत अग्रवाल उर्फ सोनू लाला ने एसीजेएम द्वितीय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। दो आरोपी अभी तक फरार चल रहे हैं।





