मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में अनियमितताएं रुकने का नाम नहीं हो रहा है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की डायट हजम करने का एक नया तरीका इजात किया है। अस्पताल में होने वाले एक्सरे के मरीजों को पहले भर्ती होना पड़ेगा इसके बाद उनके एक्सरे होंगे। प्रतिदिन ऐसे एक दर्जन से अधिक मामले जिला अस्पताल में आते है जिन्हें विभिन्न वार्डों में भर्ती दर्शाकर उनकी डायट हजम कर ली जाती है। सूत्र तो यह भी बताते है कि मरीजों को मिलने वाले भोजन की भी गुणवत्ता सही नहीं है जबकि शासन से मरीजों की डायट के लिए सौ रुपये प्रति डायट के लिए दिया जाता बताया गया है। सूत्रों ने बताया कि बीपीएल कार्ड धारकों को भी जिला चिकित्सालय में मुफ्त इलाज की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। बीपीएल कार्ड धारकों से भी आॅपरेशन के नाम पर सरकारी फीस वसूली जा रही है। जिससे बीपीएल कार्ड धारक परेशान है। उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीब असहाय लोगों को के लिए चिकित्सा सुविधा मुफ्त होने के निर्देश दिये है लेकिन इसके बाद भी जिला अस्पताल में गरीब लोगों को चिकित्सा का लाभ नहीं मिल पाता। जब कोई अधिकारी यदि स्वास्थ्य सचिव एवं अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल के निरीक्षण के लिए आते है तो मरीजों को सख्त निर्देश दे दिये जाते है कि वे उनसे कुछ ना बोले। यही वजह है कि मरीजों को सुविधा न होने के बाद भी वे निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों से यह कह देते है कि हमें सभी सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि अस्पताल में मरीजों को सही मायने में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।





