ब्रह्मांड घाट पर दीपदान

धरा पर अवतरित आकाश के तारे

दीपावली-पर्व पर रमण रेती स्थित स्वामी गुरुषरणानन्द जी महाराज के आश्रम के निकट ब्रह्मांड घाट का यमुना तट हजारों - हजारों दीपकों से जगमगा उठा तो ऐसा लगा मानो आकाश के तारे धरा पर अवतरित हो गये हों। 

पौराणिक कथा के अनुसार ब्रह्मांड घाट वह प्राचीन-पुरातन स्थल है जहाँ माटी खाने की शिकायत पर जब बाल कृष्ण ने मैया जसोदा को अपना मँह दिखाया तो उसमें ब्रह्मांड के दर्शन हुए थे।यमुना तट स्थित ब्रह्मांड घाट पर स्वामी गुरुषरणानन्द महाराज ने विधि-विधान पूर्वक यमुना जी का पूजन कर आरती उतारी और यमुना जी की लहरों पर दीप प्रवाहित किये। इसी के साथ देश-विदेश से आये महाराज जी के शिष्यों ने हजारों की संख्या में ब्रह्मांड घाट की सीढि़यों पर दीप रखे जिनसे ब्रह्मांड घाट के चारों ओर का क्षेत्र जगमगा उठा। इस अवसर पर स्वामी स्वरूपानन्द अधिकारी, स्वामी हरिदास, आचार्य अशोक कुमार जोशी, सुरेश चन्द्र अग्रवाल, मोहन स्वरूप भाटिया, जगदीश धींगरा, जमुना प्रसाद मिश्रा, ओम प्रकाश जैन आदि उपस्थित थे।


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