भगवान कृष्ण की नगरी में देवोत्थान एकादशी पर लाखों ने कमाया पुण्य लाभ

मथुरा। देवोत्थान एकादशी महापर्व को लेकर मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा भारी भीड़ के साथ प्रातः से ही प्रारंभ हो गई। लाखों श्रद्धालुओं ने  परिक्रमा कर पुण्य लाभ कमाया। इस अवसर पर बनी पंचकोसीय मानव श्रृंखला आकर्षण का केन्द्र बनी रही। शहर के परिक्रमार्थियों द्वारा विश्राम घाट, असकुण्डा घाट, स्वामी घाट, गऊघाट तथा बाहरी क्षेत्र के लोगों ने अपने अपने नजदीक मंदिर व यमुना स्थान से नियम लेकर परिक्रमा प्रारंभ की। वहीं  हरियाणा के लोगों द्वारा तीन वन की परिक्रमा प्रारंभ की वहीं जनपद के देहात क्षेत्रों के ग्रामीणों ने अपने घर से परिक्रमा प्रारंभ कर दी। परिक्रमा में प्रातः से ही भारी भीड़ परिक्रमा लगाती देखी गई। परिक्रमा में कोई अव्यवस्था न फैलें इसको लेकर जिला पुलिस प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग की प्रमुख भीड़ भाड़ वाली जगहों पर पुलिस व्यवस्था की। लेकिन जहां पुलिस व्यवस्था होनी चाहिए। वहां पुलिस नहीं मिली। जिसके कारण कई स्थानों पर भीड़ के दबाव को देखते महिलाओं बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विश्राम घाट से पूर्व शकर कुई स्थान पर परिक्रमार्थियों को परेशानी हुई। वहीं अंतापाड़ा, रंगेश्वर के पीछे भी भीड़ के दबाव के चलते लोग परेशान हुए। समूचे परिक्रमा मार्ग में पालिका प्रशासन के दावे कि भरपूर रोशनी तथा सफाई के साथ गड्ढो को मिट्टी से भरने बैरिकेटिंग आदि की व्यवस्था जो होनी थी वह देखने को नहीं मिली और न परिक्रमा मार्ग के खराब हैण्डपम्पों को सही नहीं कराया गया। देवोत्थान एकादशी परिक्रमा के पुण्य को प्राप्त करने हेतु ब्रजवासियों एवं आस पास के जनपदों के भारी संख्या में महिला पुरुष बच्चे पंचकोसीय परिक्रमा लगाते देखे गये। तमाम माता बहिने छोटे-छोटे बच्चों को गोदी में लेकर भी परिक्रमा लगाती देखी गई। सरस्वती कुण्ड पर परिक्रमार्थियों की भीड़ खाते पीतें दर्शन करते बैठी देखी गई। वहीं परिक्रमा के अन्तिम पड़ाव कंस किले पर थके हारे परिक्रमार्थियों द्वारा किला चढ़ने में प्रभु को याद करते मिले। यमुना किनारे के क्षेत्र में परिक्रमार्थियों की भारी भीड़ बराबर आती जाती परिक्रमा देर रात तक चलती रही। कार्तिक मास के पुण्य फल के साथ देवोत्थान एकादशी के पुण्य की प्राप्ति हेतु यह परिक्रमा भारी श्रद्धा भक्ति के साथ भारी संख्या में लोग लगाते है। परिक्रमा मार्ग में जगह जगह खोमचे ढकेलों पर खाने पीने की दुकानें लगी रही। जहां भीड़ खरीददारी करती देखी गई। वहीं बच्चों के मनोरंजन हेतु सरस्वती कुण्ड पर झूला आदि लगाये। रंग बिरंगे परिधनों में सजी महिला पुरुष बच्चों की लम्बी लाइन परिक्रमा मार्ग में सांय काल तक अनवरत चलती देखी गई। इस मौके पर परिक्रमार्थियों ने मंदिरों में दर्शन दान किये तथा साधु बाबाओं को भी दानपुण्य लेते देखा। परिक्रमा में जगह जगह भजन गीतों की धुन बजती देखीं गई।

 


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login



Related Items

  1. सबकी चेहती अक्षरा जल्द देंगी GOOD NEWS




Mediabharti