शिक्षा प्रेरकों को मिले राज्य कर्मचारियों का दर्जा
मथुरा। प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों से सम्बद्ध ग्राम पंचायत लोक शिक्षा केन्द्रों पर कार्यरत प्ररकों ने आज अपनी मांगों को लेकर आदर्श लोक शिक्षा प्रेकर वैलफेयर एसोसिएशन के बैनरतले मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन आज जिलाधिकारी को सौंपा जिसमें शिक्षा प्रेरकों के मानदेय में वृ(ि करने, मानदेय भुगतान आॅनलाइन करने, शिक्षा प्ररकों को परिषदीय विद्यालयों से सीधा जोड़ने, प्रेरकों का नवीनीकरण तत्काल समाप्त करने, प्रेरकों का नियमितीकरण करने, बीएड डिग्री धारकों को शिक्षक भर्ती में दस प्रतिशत पद प्रेरकों से भरे जाने, अवशेष मानदेय एकमुश्त उनके खाते में भुगतान करने, प्रेरकों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा देने सहित कुल ग्यारह मांगें की गयी हैं। शिक्षा प्रेरकांे ने कहा कि प्र्रत्येक ग्राम पंचायत लोक शिक्षा केन्द्रों पर दो शिक्षा प्रेरक नियुक्त किये गये थे वे 15 से 35 वर्ष तक के निरक्षरोें को साक्षर कर रहे हैं। शिक्षा प्रेरक अपना पूरा समय 10 से 5 बजे तक लोक शिक्षा केन्द्रों पर नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। शिक्षा प्रेरकों को 20 माह से मानदेय नहीं मिला हैं। शिक्षा प्रेरक आर्थिक बदहाली का शिकार है तथा मानसिक रूप से टूट चुके है। इस अवसर पर इस अवसर पर सुरेन्द्र सिंह, प्रीति वर्मा, बीके धनगर, गनपति सिंह, लक्ष्मण, दिनेश शर्मा, मंजू कुमारी, सुनीता, सतेन्द्रपाल सिंह, लख्मीचन्द्र, सुमनलता, राजकुमारी, सुनीता कुमारी, मंजू पालीवाल, गायत्री, मालती, नरेन्द्र शर्मा, मनोज कुमार, सरोज, मुनेश कुमारी, शिवचरन, कुलदीप गौतम आदि मौजूद थे।






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