नई दिल्ली : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दक्षिण-पश्चिमी मानसून के दूसरे चरण का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने भविष्यवाणी की है कि कुल मिलाकर, पूरे देश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून लंबी अवधि औसत (एलपीए अर्थात 50 वर्षो का औसत) का 98% रह सकता है जिसमें 4% की कमी–बढ़ोतरी भी हो सकती है।






Related Items
मानसून जो रास्ते से भटक गया, आसमान जो बरसना भूल गया...
झील के नीचे छिपे प्राचीन पराग कणों ने यूं बयां की शक्तिशाली मानसून की कहानी!
सुनें : बिहार का मौसम बदला है भाई...! मंच वही है, स्क्रिप्ट नई आई...!!