यमराज की चार ‘चिट्ठियां’

चिट्ठियांएक चतुर व्यक्ति को यमराज से बहुत डर लगता था। एक दिन उसे एक चतुराई सूझी और उसने यमराज को अपना मित्र बना लिया। उसने अपने मित्र यमराज से कहा, “मित्र! तुम किसी को भी नहीं छोड़ते हो, किसी दिन मुझे भी धर लोगे!”

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