कालिन्दी का कालुष्य दूर हो उसकी कल कल निनाद ध्वनि उसका निर्मल मधुर जल कर्णो व कण्ठ को रसाभोर कर दे यह चाह हर वैष्णव भक्त के मन में प्रबल वेग से है और इसी प्रबल इच्छाशक्ति का परिणाम है कि सोलह कलाओं के स्वामी भगवान श्री कृष्ण के ब्रजधाम से अनेको जनान्दोलन समय समय पर उठते रहे है। विगत कुछ माह पूर्व मार्च में भी एक ऐसा ही जन सैलाब उमड़ कर दिल्ली में जा केन्द्र की राजनीति की नींव को हिलाने लगा था। जीवन और आस्था से जुड़ा यह अति महत्वपूर्ण विषय उस आन्दोलन के बाद राजनेताओं के संज्ञान में आने लगा और इसी के चलते उस वक्त केन्द्र सरकार ने आन्दोलन कारियों की दोनो मांगे मानकर उन्हे शान्त किया। परन्तु आन्दोलन के समय प्रदत्त समय सीमा पूर्ण होने पर भी यमुना का कार्य न होने पर यमुना मुक्तिकरण अभियान के पदाधिकारियों ने गम्भीरता से गहन चर्चा की। यमुना जल्द अविरल निर्मल बहे इसके लिये यमुना मुक्तिकरण अभियान कटिबद्ध है। इसी को लेकर गीतामनीषी सन्त ज्ञानानन्द जी महाराज के आश्रम कृष्णकृपा धाम में यमुना मुक्तिकरण अभियान के मुख्य पदाधिकारियों की बैठक आहूत की गई। जिसकी अध्यक्षता पूज्य ज्ञानानन्द जी महाराज द्वारा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुये पूज्य श्री ज्ञानानन्द जी महाराज ने बताया कि आन्दोलन के पश्चात् से ही यमुना के लिये हर सम्भव प्रयास उनके द्वारा किये जा रहे है। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व जलसंसाधन मंत्री उमाभारती से उनकी और अभियान के पदाधिकारियों की कई बैठके होती रही है जिसमें केन्द्रसरकार ने अपनी वचनबद्धता दोहराई है। उमाभारती जी ने कहा कि एन. जी टी के आदेश के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर अन्य प्रदेशों मुख्यमंत्रियों के सम्पर्क में है और पर्याप्त जल प्रवाह बनाये रखने पर निति तैयार की जा रही है। उन्होने बताया कि अक्टूबर माह में उमा भारती जी को वृन्दावन आश्रम में बुलाकर सारी वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जायेगा। उन्होने बताया कि यमुना की शु़द्धता को लेकर केन्द्र सरकार सकारात्मक है यदि एक प्रतिशत भी ऐसा लगता है कि तो संत और यमुना भक्त मिलकर पुनः दिल्ली को घेर लेंगे।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि यदि सरकार द्वारा अन्यथा वाली स्थिति लायी जाती है तो हमारे मृदुलकान्त शास्त्री जी सभी मूर्धन्य सन्तो एवं व्यासाचार्यो से संपर्क साधे हुये है। अभियान के पदाधिकारी निरन्तर यमुना भक्तों के संपर्क में है दिल्ली को पुनः घेरने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
बैठक में यमुना के लिये गहन चर्चा हुयी सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने अपने विचार प्रस्तुत किये।
पूज्य ज्ञानानन्द जी महाराज ने अभियान के जिलाध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी द्वारा मसानी नाले को बन्द कराने को लेकर चल रहे प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि यमुना का आना तो निश्चित ह ैअब तो हमें उनके पथ की साफ करना है।
अभियान के प्रदेश अध्यक्ष श्याम चतुर्वेदी एवं पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि दिल्ली में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की मदद से यमुना की किनारें की सफाई की जायेगी इसी कदम की ब्रज को भी आवश्यकता है ब्रज में भी वृन्दावन मथुरा और गोकुल मे गिरते नाले बन्द होने चाहियें। और इसकी शुरूआत हम मसानी नाले से करना चाहते है। उन्होने बताया कि यमुना में सीधे बिना ट्रीट किया गन्दा पानी जा रहा है जो अब नहीं होने दिया जायेगा। यमुना मुक्तिकरण अभियान की जिला ईकाई एवं भारतीय किसान यूनियन भानू के कार्यकर्ता इसको लेकर आन्दोलन करेगे।
इस अवसर पर मसानी नाले को लेकर होने वाले आन्दोलन की कमान बैठक में अभियान के प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी, जिला संयोजक पंकज चतुर्वेदी एवं मनोज पाठक जी को सौंपी गई।
इस दौरान व्यासाचार्य मृदुलकान्त शास्त्री, कैप्टन हरिहर शर्मा, डाॅ यमुना देवी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





