
मथुरा। स्ट्राईक वन के द्वारा छावनी के साथ सटी हुई यमुना नदी के प्रवाह को पार करने की क्षमताओं का प्रदर्शन किया
गया और इसे ‘मेघ प्रहार‘ कूट नाम दिया गया। इसमें हिसार स्थित आर्मड डिविजन की फार्मेशन के विभिन्न उपकरणों, कमाण्डरस की
नवचारी प्रवृति, संयुक्त कार्य क्षमता, व्यावासायिक दृष्टि और डाट डिविजन की युद्धक क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया। युद्धाभ्यास ’मेघ प्रहार‘ भारतीय सेना के आधुनिक टी-90 टैकं और बीएमपी.2 के द्वारा नदी अवरोधक के आस-पास युद्ध लडने की क्षमता के परीक्षण में मदद करेगा। इस युद्धाभ्यास की मदद से एक अवरोधक के बीच के अन्तर को कम करने के नए आयाम केे महत्व और मैकेनाइज्ड फारमेशन के द्वारा गहरे अवरोधों को कब्जा करने के महत्व को दर्शाया गया। लेप्टीनंेट जनरल शौकिन चैहान, जनरल आफिसर कमाण्ंिडग स्ट्राईक 1 और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस प्रदर्शन के साक्षी थे। इस अवसर पर संबोधित करते हुए जनरल आफिसर ने युद्धाभ्यास के संचालन और स्ट्राईक वन का युद्ध के सभी आयामों में उच्च स्तर की आपरेषनल तैयारियों के बारे में चर्चा की।






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