मथुरा। जवाहरबाग कांड के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव के कथित फाइनेंसर राकेश गुप्ता को पुलिस ने कल बदायूं के थाना उसहैत क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। उस आधार पर एक अन्य आरोपी वीरेश यादव की गिरफ्तारी के लिए सुरक्षा एजेंसियों की टीम बदायूं पहुंच गई है। वीरेश यादव कथित सुभाष सेना का सुरक्षा अधिकारी बताया जाता है। वह जवाहरबाग हिंसा के मुख्य आरोपियों में शामिल है। पकड़ा गया राकेश गुप्ता बदायूं की साधन सहकारी समिति प्रसिधपुर में 2002 से बतौर सचिव कार्यरत था। वह रामवृक्ष यादव का फाइनेंसर बताया जाता है। उस पर आरोप है कि रामवृक्ष यादव को पैसे, अनाज और हथियारों की सप्लाई करता था। जवाहरबाग कांड में नाम आने के बाद उसको सस्पेंड कर दिया गया। उसका आम्र्स लाइसेंस भी कैंसिल करने की तैयारी चल रही है। बताया जाता है कि उसे सत्तापक्ष के कई नेताओं का संरक्षण प्राप्त था। इस वजह से आज तक उसके समिति की कभी जांच नहीं हुई। उसने पुलिस को बताया कि मथुरा हिंसा वाले दिन जवाहरबाग में रामवृक्ष यादव को जलते हुए देखा था। उसका कहना है कि वो 3 तारीख से ही बदायूं में था।





