ब्लाॅसम किडजी विद्यालय में धरने पर बैठी पीडि़त शिक्षिका प्रीति शर्मा व परिजन
-ब्लाॅसम किडजी विद्यालय का मामला
मथुरा। बीमारी के चलते नौकरी छोड़ने पर विद्यालय संचालक ने वेतन देने से ही इंकार कर दिया। पीडि़त शिक्षिका ने परिवार सहित आज विद्यालय परिसर में धरना दें, अपनी बकाया सैलरी देने की मांग करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी से विद्यालय में व्याप्त गड़बडि़यों की जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त है लेकिन सीबीएसई बोर्ड का विद्यालय बताकर छात्रों व अभिभावकों से अवैध वसूली की जा रही है और अध्यापकों को नाममात्र का वेतन दें, उनका शोषण किया जा रहा है।
मामला शहर के मछली फाटक स्थित मयूर बिहार काॅलौनी के आरएम शाहा सोसाइटी के ब्लाॅसम किड्जी विद्यालय का है। यहां पूर्व में कार्यरत शिक्षिका प्रीति शर्मा पत्नी बलराम पाराशर निवासी डी-41 नटवर नगर आज अपने पति, बेटी प्रियांशी, बेटा गौरव के साथ धरने पर बैठ गईं। विद्यालय के मुख्य भवन के सामने शिक्षिका के धरने पर बैठे होने की खबर पर मीडिया के लोग मौके पर पहुंच गए। प्रीति शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गले की बीमारी के चलते मेदांता हाॅस्पीटल गुड़गाव के चिकित्सकों द्वारा कम बोलने की हिदायत के बाद उसने तीन अक्टूबर को नौकरी छोड़ दी। लिखित सूचना दिए जाने के बाद विद्यालय प्रशासन ने उसे उसकी सैलरी के बकाया सात हजार रुपए दो दिन बाद देने की कह, वापस भेज दिया। शिक्षिका का आरोप है कि वो आए दिन विद्यालय के चक्कर काट रही है लेकिन उसे उसका बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा। जिसके चलते आज वह परिवार सहित विद्यालय में धरने पर बैठ गईं।
शिक्षिका का आरोप है कि उसने बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी वेतन दिलाने के लिए पत्र लिखा लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। पीडि़त शिक्षिका के अनुसार विद्यालय प्रशासन द्वारा शिक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र भी नहीं दिए जाते और न ही समय से वेतन दिया जाता है। विरोध करने पर विद्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। बाद में विद्यालय समिति के अध्यक्ष सुरेश बाबू तिवारी ने धरनास्थल पर पहुंच शिक्षिका को सोमवार केा वेतन भुगतान कर देने का आश्वासन देते हुए वहां से भेज दिया।





