चैन की नींद सो रहा है प्रशासन
मथुरा। होली के मौके पर मावा की माॅग बढ़ रही हैं। मौसम के बदलाव से दूध का उत्पादन धीमा पड़नें से इस पर्व पर मावा की मारमारी ज्यादा हो रही हैं। शहर में करीब दो दर्जन से अधिक मिठाई की दुकानों और डेयरियों पर सिथेटिक मावा बेचा रहा हैं। माॅग अधिक और उत्पीदन कम होने के हालातों में मावा विक्रेता सक्रिय हो गये हैं। स्वास्थ्य के लिये खतरनाक वस्तुओं की मिलावट होने के कारक भी साबित हो सकती है। होली के मौके पर लोग लजीज व्यजंन मावा से बनाते है खाच तौर पर गुजिया बनाने का महत्व माना जाता हैं। जिससें होलिका का भक्त प्रहलाद की पूजाकर प्रसाद लगाकर लोग गुजिया खाते हैं और मिलनें झुलनें वाले लोगों को भ्ज्ञी प्रेम से गुजिया खिलाते है। खाने वालें को क्या पता है कि जिस गुजिया को वह खा रहा है उसमें मिलाने वाला मावा सिथेटिंक है जो विभिन्न हानिकारण वस्तुओं से तैयार किया गया हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग अपनी गहरी नींद में सोंया हुआ हैं। सबसे अधिक मिलावट मावा जनरंल गंज पानी की टंकी के पास डेरियों पर कुन्तलों की तदाद में विक रहा है अगर जिला प्रशासन इस जहरीलें मावा की विक्री को गंभीरता से लेकर छापामार कार्यवाही करें तो कुन्तलों सिथेटिक मावा पकड़ा जा सकता है और जन स्वास्थ्य को बचाया जा सकता हैं। लेकिन जिला प्रशासन भी किसी वड़ी घटना घटित होने का इन्तजार कर रहा हैं।





