मजदूर के सिर पर गिरा लोहे की चादर की रोल कायल दूसरे चित्र में काम बन्द कर प्रबन्ध तन्त्र के खिलाफ हंगामा करते मजदूर
-कर्मचारयों ने इकाई स्वामी और प्रबन्ध तन्त्र के खिलाफ काटा हंगामा
कोसीकलां। नगर के कोटवन औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्वास्तिक पाईप लि. मे कार्य करते समय एक मजदूर की मौत हो गयी। जिसको लेकर इकाई में कार्यरत सैकडो मजदूरों ने इकाई स्वामी के खिलाफ जमकर हंगामा काटा। कहा कि जब तक मृतक को न्याय नहीं मिलता वह काम बन्द रखेेंगे। बताया जाता है कि मजदूर की मौत के कई घन्टे बाद तक इकाई प्रशासन ने मृतक की सुध नहीं ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने उक्त मजदूरों को काफी समझाया लेकिन मजदूर अपनी बात पर अडे रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नवीपुर औद्योगिक क्षेत्र के हॉइवे किनारे एक इकाई स्वास्तिक पाईप लि. स्थित है। जिसमें लोहे की पाईप बनाने का कार्य होता है। सोमवार की सुबह करीब 8 बजे एक मजदूर जिला बलिया निवासी हाल निवासी बठैन गेट 35 वर्षीय विश्वामित्र पुत्र दीनदयाल मशीन पर लोहे की चददर के रोल को लगाने के लिए रस्सा लगा रहा था। जिसे के्रन द्वारा उठाया गया इसी बीच के्रन से चद्दर का रोल कॉयल मजदूर के सिर पर गिर गयी। जिससे वह लहुलुहान हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। मजदूर की मौत की खवर से सभी मजदूर एवं अधिकारियों में हडकम्प मच गया। बताया जाता है कि इकाई में कार्यरत करीब 250 मजदूरों ने इकाई स्वामी और प्रबन्ध तन्त्र के खिलाफ जमकर हंगामा काटा। कहा कि जब तक मृतक को न्याय नहीं मिलता वे काम बन्द रखेंगे। मौके पर पहुची पुलिस ने मजदूरों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन मजदूर अपनी बात पर अडिग रहे।
इकाई में हो रहा है मजदूरों का शोषण
सोमवार को हुई मजदूर की मौत के बाद इकाई में नौ वर्ष से कार्यरत नेमचन्द वर्मा ने इकाई स्वामी तथा जी़एम ओमप्रकाश उपाध्याय, मैनेजर सुभाष शर्मा, प्लान्ट इन्चार्ज सुरेश शर्मा पर आरोप मढते हुए कहा कि सरकार द्वारा मजदूरों को माह वार करीब 8400 रूपये देने का प्रावधान है लेकिन इकाई में मजदूरों का शोषण किया जा रहा है जिन्हें प्रबन्ध तन्Þत्र द्वारा 5500 रूपये दिये जाते है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने इकाई प्रशासन से इकाई में कार्यरत सभी मजदूरों को हाथों के दस्ताने, हेलमेट आदि सुबिधाऐं देने की मांग की है। लेकिन प्रशासन हमेशा इसको हल्के में लेता रहा है। जिसका खामियाजा सोमवार को एक मजदूर को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
न्याय दो काम लो
मजदूर के मौत के बाद इकाई में कार्यरत सभी मजदूरों ने काम बन्द करने का फैसला लेते हुए कहा कि जब तक मृतक विश्वामित्र जिसके तीन लडके और एक लडकी है को न्याय नहीं मिलता वे काम पर वापस नहीं जाऐगे। मौके पर पहुंची पुलिस के लाख समझाने के बावजूद मजदूर अपनी बात पर अडिग रहे क्योंकि मजदूर की मौत के कई घन्टे बाद तक इकाई स्वामी और न ही इकाई का कोई प्रबन्ध तंत्र मृतक को देखने तक नहीं पहुंचा और न ही उसके परिवार के आंसू पौछे। इसलिए मजदूरों ने न्याय मिलने तक काम बन्द रखने का फैसला किया।





