नई दिल्ली । लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की चेतावनी के बावजूद भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज पाकिस्तान जा रहे है। राजनाथ सिंह को दक्षेस देशों के गृह मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेना है। इससे पहले गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजु ने कहा कि दक्षेस एक बहुपक्षीय बैठक है। इसकी कुछ प्रतिबद्धताएं हैं। वह कोई संदेश देने या पाकिस्तानी गृह मंत्री से अलग से मुलाकात करने नहीं जा रहे हैं।
सईद ने चेतावनी दी है कि अगर सिंह दक्षेस मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाद आते हैं, तो उसका संगठन पाकिस्तान भर में विरोध-प्रदर्शन करेगा। समझा जाता है कि गृह मंत्री बैठक में भारत में सक्रिय आतंकी समूहों को पाकिस्तान के समर्थन का मुद्दा उठायेंगे और इस्लामाबाद से लश्कर, जैशतथा अन्य आतंकी गुटों पर अंकुश लगाने के लिए कहेंगे। सिंह का इस्लामाबाद दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब भारत-पाक संबंधों में तनाव व्याप्त है। 2008 के मुंबई हमले के सरगना हाफिज सईद ने जारी बयान में कहा कि मैं पाकिस्तान सरकार से पूछना चाहता हूं कि क्या वह मासूम कश्मीरियों की मौतों के जिम्मेदार राजनाथ का स्वागत कर कश्मीरियों के जख्मों पर नमक छिडक़ेगी? यह विडंबना होगी कि एक ओर पूरा पाकिस्तान कश्मीर में भारत के अत्याचारों का विरोध कर रहा है। दूसरी ओर पाकिस्तानी शासक भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह को मालाएं पहनायेंगे। यदि राजनाथ पाकिस्तान आयेंगे, तो पूरे देश में प्रदर्शन होगा। हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीम कमांडर सईद सलाउद्दीन ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से कहा कि घाटी में तनाव को देखते हुए वह नयी दिल्ली से अपने राजदूत को तत्काल वापस बुलाएं और भारत के साथ व्यापारिक और राजनयिक रिश्तों को निलंबित करें। सलाउद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार को राजनाथ को आमंत्रित नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान की सरकार को या तो कश्मीरियों का मुद्दा उठाना चाहिए या भारत से दोस्ती का। इससे पहले, उसने लाहौर में भारत के खिलाफ एक रैली निकाली।
साभार-khaskhabar.com






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