
यमुना के अविरल निर्मल स्वरूप को ब्रज में लाने हेतु यमुना रक्षक दल विगत कई वर्षो से प्रयासरत है। 1 मार्च के आन्दोलन के बाद केन्द्र सरकार द्वारा छले गये यमुना भक्तों ने आन्दोलन में पुनः जान फूॅकते हुये अब की बार आर- पार की लड़ाई का ऐलान करते हुये हथिनी कुण्ड पर 2 नबम्बर को अनिश्चित काल तक सत्याग्रह की घोषणा कर दी है। 2 नबम्बर से पूर्व जनप्रतिनिधियों व यमुना भक्तों की एक विचार-मंथन गोष्ठी 15 अक्टूबर को यमुना रक्षक दल द्वारा गोविन्द मठ वृन्दावन में आयोजित की जा रही है जिसमे दर्जन भर सांसद व विधायक सम्मिलित होगें। यमुना रक्षक द्वारा विचार गोष्ठी में भाग लेने के लिये ब्रजवासियों व यमुना भक्तों को आमन्त्रित किया जा रहा है। 10 अक्टूबर शुक्रवार को गोविन्द मठ में यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय पदाधिकारी की बैठक आयोजित की गई जिसमें 15 अक्टूबर यमुना विचार गोष्ठी व 2 नबम्बर को हथिनी कुण्ड पर होने वाले सत्याग्रह की तैयारियों की समीक्षा की गई और साथ ही साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा विचार गोष्ठी व सत्याग्रह की तैयारियों को सूची बद्ध कर सभी पदाधिकारियों में कार्यभार सौंपा गया।
यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि इस बार का आन्दोलन आर-पार का आन्दोलन है और हमें इस बार सम्पूर्ण शक्ति के साथ हमें आन्दोलन को आगे बढाना होगा और सरकार का रूख भी यमुना के प्रति सकारात्मक है।
यमुना रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ अशोक अग्रवाल ने कहा कि यमुना नदी का जल वर्षो से उसके किनारे बसने वाले लोगो को अच्छा स्वास्थ व सम्पन्नता प्रदान करती रही है परन्तु जब से यमुना की प्राकृतिक धारा के साथ छेडछाड़ की गई है यमुना का जल आज उसके किनारे बसने वाले लोगों के लिये परेशानियों का सबब बनता जा रहा है। वर्तमान में जितने मरीज हास्पीटलों में आते है उनमें से 70 प्रतिशत मरीज प्रदूषित पानी के कारण बीमार होते है। यमुना का प्रदूषित के कारण कैंसर, अपंगता, ब्रेन हेम्रेज, बीपी आदि जैसे असाध्य रोगों से लोग प्रभावित हो रहे है इसलिये यह अत्यन्त आवश्यक है कि यमुना में शुद्ध यमुना जल प्रवाहित हो।
यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश यादव व राष्ट्रीय महासचिव रमेश सिसौदिया ने कहा कि प्रकृति ने इतने ग्रह बनाए हैं लेकिन सब अपनी-अपनी कक्षा में ही चलते हैं और अपना गंतव्य खोजते हैं कोई दूसरे की कक्षा में जाकर उसे रोकने का प्रयत्न नहीं करता यदि कभी कोई ग्रह अपनी कक्षा छोड़ता है तो सर्वनाश हो जाता है। लेकिन मनुष्य प्रकृति के नियम तोड़ कर स्वयं के सर्वनाश के आमन्त्रण दे रहा है। इसी प्रकार यमुनोत्री से इलाहाबाद संगम के लिये अपने उद्गम ये चली यमुना की प्राकृतिक धारा को बाधित कर हथिनी कुण्ड पर रोक लिया गया है और जिसके परिणाम स्वरूप दिल्ली से आगे उसके किनारे बसने वाले लोग कैंसर जैसे असाध्य रोग फैल रहे है और कृषि भी प्रदूषित होती जा रही है जो निकट भविष्य में आने वाली भयावह स्थिति की एक झलक है।
इस अवसर पर यमुना रक्षक दल की राष्ट्रीय सचिव सीता अग्रवाल, मथुरा ब्लाक अध्यक्ष राधा बल्लभ शर्मा, राजेन्द्र भगत जी , भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री सुषमा अग्रवाल, श्रीदास प्रजापति, प्रणव अग्रवाल, डाॅ उमेश शर्मा, राजू पेण्टर, अनिल चतुर्वेदी, त्रिलोकी व्यास, पवन अग्रवाल आदि उपस्थित थे।






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