राधाकुण्ड कृष्णकुण्ड के संगम का विहंगम दृश्य
गोवर्धन। अहोई अष्टमी का त्यौहार मनाने के लिए राधाकुण्ड में तैयारियां चल रही हैं। कुण्ड में स्नान 15 और 16 अक्टूबर में होगा जिसमें 15 तारीख को साधु संत कुण्ड में स्नान करेंगे तथा 16 तारीख को पुत्र की कामना करने वाली महिलाएं कुण्ड में स्नान कर पुत्र प्राप्ति की राधारानी से प्रार्थना करेंगे। अहोई अष्टमी के स्नान को लेकर चर्चित परंपरा के अनुसार बताया जाता है कि अष्टमी की रात्रि 12 बजे यह स्नान का कार्यक्रम आयोजित होता है। इस स्नान पर्व के महत्व के सम्बन्ध में बताया गया है कि पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए इस दिन महिला अपने पति सहित राधाकुण्ड तालाब में स्नान करती हैं एवं पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए प्रार्थना कर पेंठे का दान करती हैं तथा गुप्त धन भी पेंठे में रखकर राधारानी को भेंट किया जाता है। स्नान से पूर्व एवं स्नान के पश्चात पुत्र रत्न प्राप्त करने वाली महिलाएं तालाब के बाहर परिक्रमा मार्ग में बने अहोई माता के मंदिर में पूजा पाठ एवं संतान के लिए अर्जी लगाती हैं। राधाकुण्ड में विशाल मेला होता है जिसकी प्रसिद्धि पूरे भारतवर्ष में हैं। यही वजह है कि पूरे भारतवर्ष से लोग अहोई अष्टमी के पर्व पर यहां स्नानदान कर पुण्य लाभ कमाते हैं और मां से संतान की प्रार्थना का आर्शीवाद लेकर वापस लौटते हैं। इस स्नान पर्व को लेकर नगर पंचायत राधाकुण्ड कृष्णकुण्ड और राधाकुण्ड के संगम पर भारी व्यवस्था करती हैं। इस बार यह पर्व 15 व 16 दो दिन मनाये जाने को लेकर यह स्नान दो दिन चलेगा।






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