अनियंत्रित जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। महिलाओं को अपने जीवन में कई नाजुक अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है और इन सभी महत्वपूर्ण अवस्थाओं जैसे बचपन, किशोर अवस्था, गर्भावस्था और वृद्धावस्था में महिलाओं को सही स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता होती है।
इस संबंध में यह समझने की बहुत आवश्यकता है कि जो महिलाएं स्वयं स्वस्थ नहीं है वे स्वस्थ समाज का निर्माण नहीं कर सकती हैं। महिलाओं को इसके लिए रोजाना योगाभ्यास के लिए कम से कम 15 से 20 मिनट निकालना जरूरी है व नियमित रूप से ध्यान का अभ्यास किया जाना चाहिए। नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें, मूलबंध और प्राणायाम का अभ्यास करें।
सबसे महत्वपूर्ण आहार है। भोजन का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि कहावत है कि ''जैसा खाएं अन्न, वैसा होए तन और वैसा होए मन और वैसा होए जीवन।''

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