रुडयार्ड किपलिंग अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि और लेखक थे। हालांकि, उनका जन्म तत्कालीन बंबई यानी आज के मुंबई में हुआ था। यह बात तब की है जब एक बार एक स्थानीय समाचार पत्र में असावधानी से उनकी मृत्यु की खबर छप गई।
रुडयार्ड किपलिंग ने जब सुबह अखबार देखा तो उन्हें उस खबर पर बहुत आश्चर्य हुआ। थोड़ी देर तक सोचते रहे कि आखिर कैसे प्रतिक्रिया दें। फिर, उन्होंने समाचार पत्र के संपादक को कुछ इस चुटीले अंदाज में पत्र लिखा… “… क्योंकि आपको हर साल और हर बात की सही-सही खबर रहती है, इसलिए मेरी मृत्यु का समाचार भी हर हाल में सच ही होगा। अत: मेरा नम्र निवेदन है कि अपने समाचार पत्र के ग्राहकों की सूची से मेरा नाम अब काट दें…।“






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