मथुरा। एक तरफ लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं तो वहीं धनकुबेर राइजिंग लाइन से कनैक्शन ले रहे हैं। वृन्दावन में इस घटना को लेकर लोग नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। बताया गया कि अटल्ला चुंगी क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की सड़क को काटकर अवैध रूप से कनैक्शन दिये जा रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो उन्हें नहीं मालूम कि आखिर वह कौन शख्स है जिसके आदेश पर ये राइजिंग लाइन का कनेक्शन हो रहा है। एक तरफ तो लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा, वहीँ दूसरी ओर राइजिंग लाइन से कनेक्शन हो रहे हैं। अटल्ला चुंगी क्षेत्र में धन कुबेरों को ये सौगात दी जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से ऐसे अवैध् कनेक्शनों को रोकने की मांग की है। सूत्रों की मानें तो इस सबके पीछे लाखों का खेल बताया जा रहा है। आला अधिकारियों के आदेशों को हवा हवाई करते हुए पालिका के ठेकेदार वृन्दावन में ऐसे अवैध कनेक्शनों की भरमार किये हुए है।
मथुरा को तीर्थस्थल घोषित किया जाये
मथुरा। तीर्थ पुरोहित महासंघ ने आज मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया जिसमें मथुरा को अब तक तीर्थस्थल घोषित न करने पर चिंता व्यक्त की गयी। कहा गया कि इसी कारण यहां मांस, मदिरा, अण्डे की खुलेआम बिक्री हो रही है। इसे तीर्थस्थल घोषित किया जाये। ब्रज डेवलपमेंट प्लानिंग बोर्ड में मथुरा की बड़ी समस्या ट्रैफिक है। इसके लिये यमुना के पावन तट पर दो पैदल पुल बनवाये जायें ताकि लोग यमुना के घाट और द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन कर सकें। यमुना और मंदिरों के दर्शन हेतु बाहर से प्रवेश करने वाले सुभाष इंटर कालेज, चैक बाजार, गांधी पार्क, छत्ता बाजार, चमेली देवी स्कूल के पास पार्किंग स्थल बनवाये जायें। होलीगेट, छत्ता बाजार, राजाधिराज बाजार, स्वामीघाट, चैक बाजार, छत्ता बाजार आदि में मंदिरों के साइनबोर्ड एक नाम के बनवाये जायंे और इन मार्गों पर आधुनिक लाइट लगवायी जायें। यात्री हेतु चबूतरे और बैंच लगवायी जायें। ब्रज चैरासी कोस यात्रा अंतरगृही परिक्रमा विश्रामघाट से शुरू होती है, इसीलिये प्रयागघाट, रामघाट, रामजीद्वारा, ताजपुरा, चैबियापाड़ा महोली पौर, नगला पायसा, मानिक चैक, रतनकुण्ड, गूजर हटटा आदि क्षेत्रों में झूलती हुयी विद्युत केबिलें हटवायी जायें, इनसे कई दुर्घटना हो चुकी हैं। यहां आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगवायी जायें। ब्रज यात्रा के पड़ाव स्थलों को संरक्षित कर हरियाली, पेयजल और लाइट की व्यवस्था हो। इन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराया जाये। ज्ञापन में राष्ट्रीय महामंत्री प्रयागनाथ चतुर्वेदी, दीपेन्द्र चतुर्वेदी, देवदत्त चतुर्वेदी, ब्रजमण्डल प्रभारी अजय चतुर्वेदी, बादामछाप पण्डा, आदि के हस्ताक्षर हैं।





