पुलिस ने 50 शराब की भट्टियां नष्ट
पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण में चलता है
मथुरा। थाना व कस्बा गोवर्धन के गांव अडींग में आज आबकारी विभाग और पुलिस टीम ने बड़ी छापामार कार्यवाही करते दो हजार लीटर लहन कच्ची शराब नष्ट करायी। इस दौरान पचास भट्टियों को भी नष्ट किया गया। जानकारी के अनुसार कस्बे के अड़ीग गांव स्थित भातू काॅलौनी में कच्ची शराब बनाने का धंधा पिछले बीस वर्ष से जारी हैं। प्रतिवर्ष पुलिस और आबकारी विभाग यहां कच्ची शराब बनाने वाले कजड़ जाति के लोगों की शराब की भट्टियां तोड़ता रहता है लेकिन शराब बनना आज तक बन्द नहीं हुआ। ग्रामीण इसके पीछे तर्क देते है कि पुलिस और आबकारी विभाग पूरे वर्ष शराब बिकवाता हैं। वर्ष में एक बार भट्टियां तोड़कर और कुछ शराब नष्ट कराकर खानापूरी करता हैं। यह उसका खेल है पूरे वर्ष भातू काॅलौनी में कच्ची शराब बनती और बिकती हैं। तब पुलिस और आबकारी विभाग इसपर कार्यवाही क्यों नहीं करता। पिछले वर्ष भी यहां कार्यवाही हुई थी। विधित रहे कि गोवर्धन अडींग में भातू जाति के लोग कच्ची शराब बनाने और बेचने का धंधा करते हैं। जिसमें इलाका पुलिस और आबकारी विभाग का इन्हें पूरा संरक्षण प्राप्त रहता हैं। समझ में नहीं आता कि दोनों विभागों के बड़े अधिकारी इनसे नहीं पूछते कि प्रतिवर्ष भटिट्यां टूटती हैं। ऐसा क्यों? यह धंधा पूरी तरह समाप्त क्यों नहीं होता? जबकि कच्ची शराब पीने से कई बार लोगों की जान जा चुकी हैं। बीमारी का जड़ से ईलाज न करके आबकारी और पुलिस मल्लम-
पट्टी कर इसे स्वयं बढ़ावा दे रही हैं।





