एनजीटी टीम ने किया परिक्रमा मार्ग का सर्वे

मथुरा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का सर्वे किया और यहां होने वाली गंदगी तथा ट्रीटमेंट प्लांट के बारे में भी टीम ने बारीकी से जांच की। टीम में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एमसी मेहता, राहुल शुक्ला तथा यू0 राम सिंह जाॅइंट डायरेक्टर सेन्ट्रल बोर्ड तथा स्वामी जीडी अग्रवाल ने जतीपुरा स्थित गिर्राज मुखार बिन्द पर चढने वाले दूध से आने वाली बदबू के स्थायी समाधान के बारे में कहा। श्री अग्रवाल गोवर्धन में होने वाली गंदगी के बारे में अपनी रिपोर्ट सर्वे टीम को देंगे। सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग जतीपुरा एवं राधाकुण्ड का टीम के लोगांे द्वारा बारीकी से सर्वे किया गया और यहां स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए कहा गया। ज्ञात रहे कि जतीपुरा स्थित मुखार बिंद मंदिर में भक्तों द्वारा चढाया जाने वाला दूध परिक्रमा मार्ग स्थित शमशान पर इकट्ठा होता है और यहां काफी समय से इकटठा हो रहे दूध के चलते दूध सड़ जाता है जिससे परिक्रमा मार्ग में भयंकर बदबू आती है। एनजीटी टीम ने इसको गंभीरता से लेते हुए इसका समाधान कराये जाने को कहा और आश्वस्त किया कि परिक्रमा मार्ग में गिर्राज जी के सहारे पड़ी गंदगी को खत्म किया जायेगा। टीम ने पूरे परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया और इस पर वे अपनी रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को सौंपेंगे।

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